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Hardoi News: कीर्ति कृष्णा बाल चिकित्सालय सीज होने के बाद कैम्प लगाकर निःशुल्क इलाज कर रहे डॉक्टर सी के गुप्ता, बोले मरीजों को ना हो असुविधा
Hardoi News: हरदोई में कई ऐसे बाल मरीजों का डॉक्टर सी के गुप्ता ने इलाज किया जिन्हें डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया था। वर्ष 1999 में डॉक्टर सी के गुप्ता ने एक बालक का खून परिवर्तित कर उसे नया जीवन प्रदान किया था।
Hospital Sealed Hardoi
Hardoi News: हरदोई में कीर्ति कृष्णा बाल चिकित्सालय को अधिकारियों द्वारा बिना जवाब प्राप्त किए ही अस्पताल सीज किये जाने के मामले में प्रशासन की कार्रवाई की निंदा बीमार बच्चों के परिजन कर रहे हैं। डॉक्टर सी के गुप्ता ने हरदोई के जिला चिकित्सालय में बाल चिकित्सक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थी जहां उन्होंने कई गंभीर समस्याओं से ग्रसित बच्चों का बेहतर इलाज कर उन्हें लाभ प्रदान किया था जिसके बाद से बाल चिकित्सक के रूप में डॉक्टर सी के गुप्ता ने जनपद में अपनी पहचान बनाई थी। सेवानिवृत होने के बाद डॉक्टर सी के गुप्ता ने मरीजों की मांग पर शहर के नघेटा रोड पर कीर्ति कृष्णा बाल चिकित्सालय की शुरुआत की थी।
हरदोई में कई ऐसे बाल मरीजों का डॉक्टर सी के गुप्ता ने इलाज किया जिन्हें डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया था। वर्ष 1999 में डॉक्टर सी के गुप्ता ने एक बालक का खून परिवर्तित कर उसे नया जीवन प्रदान किया था। मल्लावा थाना क्षेत्र के राघोपुर के रहने वाले मुस्ताक हुसैन पुत्र रियाज हुसैन के पिछले तीन नवजात शिशु पीलिया से ग्रसित हो जाने के कारण शिशु की चौथे दिन मृत्यु हो जा रही थी। इसके बाद एक बार फिर मुस्ताक हुसैन की पत्नी ने एक शिशु को जन्म दिया जोकि चौथे दिन पीलिया से ग्रसित हो गया। इसके बाद डॉक्टर सी के गुप्ता ने चौथे दिन ही नवजात के शरीर का पूरा खून बदलकर उसे नया जीवन प्रदान किया। एक नहीं अनेक ऐसे किसे डॉक्टर सी के गुप्ता के जनपद में प्रख्यात हैं लेकिन जरा सी लापरवाही से डॉक्टर सी के गुप्ता के कीर्ति कृष्णा बाल चिकित्सालय को प्रशासन ने सीज कर दिया। प्रशासन के बिना जवाब तलब किया सीज किए गए अस्पताल के बाद डॉक्टर सी के गुप्ता अब अस्पताल के गेट पर ही कैंप लगाकर मरीजो का निशुल्क उपचार कर रहे हैं।
प्रतिदिन कैम्प में निशुल्क देख रहे बच्चे
डॉक्टर सी के गुप्ता प्रतिदिन सीज हुए अस्पताल के बाहर कैंप लगाकर 35 से 40 बच्चों का उपचार कर रहे हैं। जनपद के अलग-अलग कस्बों और गांव से आज भी मरीज डॉक्टर सी के गुप्ता को दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं। मरीज का कहना है कि डॉक्टर सी के गुप्ता के साथ प्रशासन ने जो किया वह गलत था उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर प्रशासन को जरूर देना चाहिए था साथ ही एनओसी देने में देरी करने पर जवाब देही जिला प्रशासन के अधिकारियों के तय होनी चाहिए थी। बच्चों के परिजनों की मांग है कि डॉक्टर सी के गुप्ता का सीज हुआ अस्पताल को प्रशासन को खोलना चाहिए और डॉक्टर साहब को एक मौका देना चाहिए। डॉक्टर सी के गुप्ता लगातार गरीब असहाय लाचार बच्चों का मुफ्त इलाज करते रहते हैं। उनकी छवि को ध्यान में रखते हुए अस्पताल को पुनः संचालन की अनुमति एनओसी के साथ देनी चाहिए।


