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Hardoi News: हरदोई स्टेशन पर वाटर कूलर की टूटी टोंटी को बदलने की जहमत नहीं उठा पाए जिम्मेदार, ईट लगाकर रोका बहता पानी, यात्रियों को हो रही असुविधा
Hardoi News: रेलवे स्टेशन पर विकास साफ देखने को मिल रहा है।स्टेशन पर विकास इतना किया जा रहा है कि रेल अधिकारी टूटी हुई टोटी तक को बदलवा नहीं पा रहे हैं।
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Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन पर विकास साफ देखने को मिल रहा है।स्टेशन पर विकास इतना किया जा रहा है कि रेल अधिकारी टूटी हुई टोटी तक को बदलवा नहीं पा रहे हैं। टूटी टोंटी से बहते पानी को रोकने के लिए रेल अधिकारियों द्वारा ईट का प्रयोग किया गया है। नॉर्दर्न रेलवे के अंतर्गत आने वाले मुरादाबाद मंडल द्वारा अपने क्षेत्र में विकास के बड़े-बड़े दावे सोशल मीडिया पर लगातार किए जा रहे हैं पर जमीनी हकीकत विकास के दावों से बिल्कुल अलग है। आलम यह है कि मंडल के अधिकारियों को रेलवे स्टेशन पर तैनात रेल अधिकारी नहीं मानते हैं।
हरदोई रेलवे स्टेशन पर भी मंडल से लेकर स्थानीय रेल अधिकारियों की लापरवाही के चलते रेल यात्रियों को काफी असुविधा उठानी पड़ रही है।एक ओर जहां अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत रेलवे स्टेशन को हाईटेक बनाने का काम किया जा रहा है वही हाईटेक बनाने के नाम पर अधिकारी कार्य में जमकर लापरवाही बरत रहे हैं। आलम यह है कि हरदोई रेलवे स्टेशन पर मंडल के अधिकारियों के मुताबिक पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था है जबकि हकीकत उलट है। हरदोई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर एकमात्र वाटर कूलर है जो ट्रेन से लेकर यात्रियों तक की प्यास बुझा रहा है।
वाटर कूलर पर चालू है एक टोंटी
हरदोई के प्लेटफार्म संख्या एक पर लगा वाटर कूलर पहले तो बंद रहा जिसके बाद अधिकारियों ने वाटर कूलर तो शुरू किया लेकिन फिर कुछ ही दिन बाद ठंडा पानी आना बंद हो गया अब ठंडा पानी आ रहा है तो एक टोंटी ही टूटी पड़ी है। रेल अधिकारियों द्वारा टोंटी को बदलवाने की जहमत अब तक नहीं उठाई गई है।
टूटी हुई टोंटी से बहते पानी को रोकने के लिए जिम्मेदारों ने ईट को लगा रखा है जिससे कि पानी को बहने से रोका जा सके।वाटर कूलर में एक टोंटी चालू होने से यात्रियों को ठंडा पानी के लिए लाइन लगानी पड़ रही है।हरदोई रेलवे स्टेशन पर वाटर कूलर पर लगी ईट हरदोई पर चल रहे विकास कार्य और हरदोई के रेल अधिकारियों द्वारा किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण विकास को दर्शा रही हैं। हालांकि यह पहला या नया मामला नहीं है।इस तरह के पहले भी कई बार मामले सामने आए हैं लेकिन मंडल के रेल अधिकारियों द्वारा मामले में कोई भी सख्त कार्रवाई न होने से अधिकारियों के हौसले दिन पर दिन बुलंद होते जा रहे हैं।


