TRENDING TAGS :
Jhansi News: लेखपाल की भूमिका संदिग्ध, ननि की जमीन पर बन रही निर्माणाधीन दीवार गिराई
Jhansi News: पैसा लाओ, सरकारी जमीन को बता देंगे कि यह काश्तकार की जमीन है। ऐसा ही एक मामला झांसी में पकड़ा गया है।
नगर निगम की जमीन पर निर्माणाधीन अवैध दीवार गिरवाई गई (Photo- Newstrack)
Jhansi News: झाँसी। कमिश्नर औऱ डीएम के आदेशों को दरकिनार करते हुए ननि और राजस्व विभाग की लेखपाल अपनी मनमर्जी पर उतर आए हैं। पैसा लाओ, सरकारी जमीन को बता देंगे कि यह काश्तकार की जमीन है। एेसा ही एक मामला झांसी में पकड़ा गया है। बीते रोज अफसरों के आदेश पर भेजी गई टीम ने पकड़ा है। टीम ने ननि की जमीन पर बन रही निर्माणधीन दीवार को गिरा दी। मौका देखकर ननि की जमीन पर कब्जा कर रहे लोग रफूचक्कर हो गए। इस पूरे मामले में लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है। इस मामल के अब गोपनीय जांच शुरु हो गई है। सरकारी जमीन को काश्तकार की जमीन बताने वाले लेखपाल पर बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।
अवैध रुप से कब्जा
कोतवाली क्षेत्र के उन्नाव गेट बाहर के पास नगरिया का कुआं के पास कई एकड़ जमीन है। यह जमीन पहले ग्राम सभा में आती थी। जब से नगर निगम हो गया तो उक्त जमीन ननि की अधीन हो गई थी। इस इलाके में नगर निगम की जमीन पड़ी है। कुछ हिस्सों में अवैध रुप से कब्जा कर बेश कीमती बिल्डिंग बना ली गई है। इसी का फायदा अब दूसरे लोग उठा रहे हैं। इनमें नगर निगम औऱ राजस्व विभाग के लेखपालों की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध नजर आ रही है। यह लोग नगर निगम की जमीन को काश्तकार की जमीन बता रहे हैं, जबकि वहां पर काश्तकार जमीन बिल्कुल शून्य के स्थान पर है। अभी हाल में एक मामला प्रकाश में आया है।
बताते हैं कि एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि कुछ लोग जमीन पर निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे हैं जबकि वहां पर उसकी जमीन है। इस मामले को पुलिस ने लेखपाल को बुलाया और पूरे मामले की जांच करवाई। इसमें लेखपाल झांसी खास भूपेंद्र सिंह भी शामिल था। लेखपाल झांसी खास ने 14 अगस्त 2025 को पीड़ित व पुलिस बल के साथ स्थलीय निरीक्षण किया।
राजस्व अभिलेखों का मिलान किया गया जिसमें मौजा झांसी खास स्थित आराजी संख्या 867 रकवा 9.121 हेक्टेयर से रकवा 0.0161 हेक्टेयर उसके द्वारा 13 जून 2023 को विक्रेता नाथूराम कुशवाहा से क्रय किया था जिसके जुज भाग पर उसके निर्माण कार्य कर रहा था जिसे विपक्षियों द्वारा रोका जा रहा था। जिस जगह वह निर्माण किया जा रहा है। वह सरकारी भूमि है। लेखपाल ने स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि जिस जगह निर्माण कार्य हो रहा है। वह निजी भूमि है सरकारी भूमि नहीं है। इस मामले की शिकायत शासनस्तर पर गई। शासन के निर्देशों के तहत एसडीएम के नेतृत्व में नगर निगम की टीम मौके पर गई। वहां टीम ने निरीक्षण किया।
नगर निगम की टीम ने निर्माणाधीन बाउंड्री गिराई
निरीक्षण में पाया कि जहां पर बाउंड्री बाल बनवाई जा रही हैं। वह नगर निगम की जमीन है। यह जमीन काश्तकार की नहीं है। तत्काल नगर निगम की टीम ने निर्माणाधीन बाउंड्री गिरा दी। जबकि मौके से जमीन पर कब्जा करने वाले लोग गायब थे। इस मामले में लेखपाल की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, कमिश्नर औऱ डीएम से भी की गई है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि शासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। इसकी गोपनीय स्तर से जांच करवाई जा रही हैं। इस मामले में लेखपाल पर गाज गिरने की संभावना है।


