बाढ़ की त्रासदी में प्रशासन की मदद से गर्भवती का सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा स्वस्थ

बाढ़ में फंसी गर्भवती का प्रशासन की मदद से सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित।

Sharad Awasthi
Published on: 4 Sept 2025 4:27 PM IST
बाढ़ की त्रासदी में प्रशासन की मदद से गर्भवती का सुरक्षित प्रसव, जच्चा-बच्चा स्वस्थ
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Lakhimpur Kheri: बाढ़ की तबाही के बीच जब हर ओर पानी ही पानी फैला है, उस कठिन घड़ी में इंसानियत और प्रशासन की त्वरित मदद ने एक परिवार को नई जिंदगी दी। तहसील निघासन के ग्रंट नंबर-12 के रण्डुवा गांव निवासी संजय निषाद की गर्भवती पत्नी शीला को गुरुवार को अचानक प्रसव पीड़ा उठी। घर के चारों ओर बाढ़ का पानी और आवागमन के सभी रास्ते बंद थे। परिवार ने जैसे-तैसे मदद की गुहार लगाई।

सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। क्षेत्रीय लेखपाल श्याम नंदन मिश्र ट्रैक्टर-ट्राली लेकर मौके पर पहुंचे। महिला को चारपाई पर लिटाकर परिजन व ग्रामीणों की मदद से ट्राली पर बिठाया गया और बंधे की ओर निकले। लेकिन मुश्किलें अभी बाकी थीं। बंधे से करीब 50 मीटर पहले ही शीला की पीड़ा असहनीय हो गई।


उस नाजुक घड़ी में उपलब्ध कपड़ों और तिरपाल से अस्थायी घेरा बनाकर वहीं सुरक्षित प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में शीला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। नवजात की पहली किलकारी सुनते ही परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। ग्रामीण भी राहत की सांस लेने लगे।

प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को बंधे तक पहुंचाया गया। वहां से एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलबेहड़ भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने आवश्यक जांच और टीकाकरण कर मां-बेटे को सुरक्षित घोषित किया। इसी बीच एसडीएम निघासन राजीव कुमार निगम ने सीएचसी फूलबेहड़ पहुंचकर परिवार से मुलाकात की शुभकामनाएं दी।


डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर हुई इस त्वरित कार्रवाई की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। संजय निषाद ने भावुक होकर कहा कि बाढ़ के बीच हम पूरी तरह निराश हो गए थे। लगा कि शायद कुछ अनहोनी हो जाएगी। लेकिन प्रशासन ने समय पर मदद कर हमारे परिवार को संभाल लिया। हम जिंदगी भर इस मदद को नहीं भूल पाएंगे।

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