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लखीमपुर खीरी में किसानों पर पुलिस की बर्बरता का वीडिया वायरल, खाद के लिए हुई मारा-मारी
Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी से एक वायरल वीडियो में यूरिया खाद की भारी किल्लत को लेकर सड़कों पर उतरे किसानों पर पुलिस ने लाठी डंडे बरसाए।
Lakhimpur Kheri News
Lakhimpur Kheri News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों पर डंडे और लाठी बरसाएं जा रहे हैं। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसान बेटे और मां को पुलिस खदेड़ते दिखाई दे रही है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश है।
दरअसल, यहां किसान यूरिया खाद की किल्लत से काफी परेशान हैं। लेकिन बुधवार को जब यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही लखीमपुर खीरी पहुंचे तो उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया कि जिले को 25 लाख बोरियां यूरिया भेजी जा चुकी हैं, इसकी कोई कमी नहीं है। हालांकि, उसी दिन सरकारी दुकानों के बाहर हजारों किसान धूप में घंटों कतार में खड़े रहे, तब भी उन्हें खाद नहीं मिली। कई जगहों पर धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज तक की नौबत आ गई, जिससे मंत्री की जुबान से निकले शब्द और जमीनी हालात का फर्क दिख गया।
भदूरा समिति में बिगड़ गए हालात
विकासखंड बेहजम की भदूरा समिति में हालात तब बिगड़े जब दो दिन से लाइन में लगे किसानों को खाद नहीं मिली। इस बात से गुस्साए किसानों ने सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि आम किसानों को नजरअंदाज करके रसूखदारों को ट्रैक्टर भर खाद दी जा रही है। इसके बाद हालात को संभालने के लिए पुलिस को दखल देना पड़ा और थाना प्रभारी को खुद मौके पर पहुंचकर समझाना पड़ा।
खराब मशीन का बहाना करके भागे सचिव
किसानों के मुताबिक, वे आधार कार्ड और पैसे लेकर सुबह से लाइन में खड़े थे, टोकन बांटे भी गए। लेकिन दोपहर में समिति सचिव ने मशीन खराब होने का बहाना बनाकर ऑफिस में ताला लगा दिया और मौके से भी गायब हो गए। इसके बाद गुस्साए किसानों ने समिति गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मंत्री के दौरे पर दिखावटी व्यवस्था, फिर भी नहीं मिली राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री के आगमन के चलते कई बंद समितियां सिर्फ दिखावे के लिए खोली गईं। लेकिन सच्चाई ये रही कि खाद वितरण नहीं हुआ, और जो हुआ वो भी छुप-छुप कर रसूखदारों में बांट दिया गया। पिछले एक महीने से किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन समाधान की जगह सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं।
वादे हैं, खाद नहीं
समिति सचिव प्रदीप पटेल ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि मशीन खराब थी, इसलिए गुरुवार को फिर से वितरण होगा। लेकिन किसानों की मानें तो हर बार यही बहाना बताया जाता है, जिसकी वजह से उन्हें खाली झोली लेकर लौटना पड़ता है।


