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'अखिलेश जी, चश्मा हटाइए… टोपी मत पहनाइए'! लखनऊ में स्कूल मर्जर पर शुरू हुआ पोस्टर वॉर, CM योगी के आवास के बाहर लगी होर्डिंग
Lucknow News: ये पोस्टर लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास लगाया गया। पोस्टर में अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा गया कि "चश्मा हटाइए अखिलेश जी, टोपी मत पहनाइए!"
Lucknow News
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के मर्जर को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ अब पोस्टर वॉर की शुरुआत हो चुकी है। लखनऊ की सड़कों पर गुरुवार को एक बड़ा पोस्टर स्कूल मर्जर को लेकर छिड़े विवाद का केंद्र बन गया, जो सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज के जैसा है। ये पोस्टर लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास लगाया गया। पोस्टर में अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा गया कि "चश्मा हटाइए अखिलेश जी, टोपी मत पहनाइए!"
सपा के पोस्टर के जवाब में सीएम आवास के बाहर लगा भाजपा का पोस्टर
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगे इस पोस्टर में किया गया तंज समाजवादी पार्टी की ओर से सरकारी स्कूलों के मर्जर को लेकर बीते दिनों पोस्टर के जरिये ही उठाए गए सवालों का जवाब है। इसके साथ ही पोस्टर में योगी सरकार के बीते आठ वर्षों की शिक्षा-सेवा और विकास वल्वे कार्यों को विस्तार से दर्शाया गया है।
सियासी गलियारों में इसे भाजपा की ओर से सपाई आरोपों पर पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। बताते चलें कि हाल ही में लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें सरकारी स्कूलों के मर्जर योजना को लेकर योगी सरकार पर सीधा हमला किया गया। सपा ने आरोप लगाया कि स्कूलों को मिलाकर सरकार गरीब छात्रों की पढ़ाई से खिलवाड़ कर रही है।
2027 के चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकती है शिक्षा
समाजवादी पार्टी के नेता की ओर से लगवाए गए पोस्टर के जवाब में मुख्यमंत्री आवास के पास भाजपा समर्थकों द्वारा लगाया गया पोस्टर अब सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में छाया हुआ है। बताया जाता है कि इस पोस्टर का फोकस न सिर्फ सपा के आरोपों का खंडन करना है, बल्कि योगी सरकार की उपलब्धियों को उजागर करना भी है। बताते चलें कि यह पोस्टर वॉर 2027 के चुनावों की भूमिका तय करने वाला बड़ा संकेत हो सकता है, जिसमें शिक्षा एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बन सकता है।
पोस्टर में भाजपा सरकार की उपलब्धियां इस प्रकार गिनाई गईं:
- 18 मंडलों में अलग आवासीय विद्यालय की स्थापना
- 57 जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय शुरू
- गोरखपुर में पूर्वांचल के पहले सैनिक स्कूल की शुरुआत
- 680 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उन्नयन
- असहाय क्षेत्रों में 39 नए हाईस्कूल स्थापित
- 14 नए इंटर कॉलेजों का निर्माण
- 25,784 प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा
- 5,568 ICT लैब्स का संचालन
- 7 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में
पोस्टर में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 93 आवासीय विद्यालय थे, जबकि 2017 के बाद 120 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हो चुके हैं।


