Ganesh Chaturthi 2025: गणपति बप्पा के स्वागत में सज गया लखनऊ, 500 से लेकर 2 लाख तक की मूर्तियां

Ganesh Chaturthi 2025: आईटी चौराहे पर पिछले 10 सालों से दुकान लगा रहे कुंदन कुमार ने बताया कि पिछली बार से इस बार इको फ्रेंडली मूर्तियों की मांग काफ़ी बढ़ी है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 21 Aug 2025 5:55 PM IST (Updated on: 21 Aug 2025 11:11 PM IST)
Lucknow, 500 to 2 lakh idols decorated to welcome Ganpati Bappa
X

गणपति बप्पा के स्वागत में सज गया लखनऊ, 500 से लेकर 2 लाख तक की मूर्तियां Photo- Ashutosh Tripathi- Newstrack

Ganesh Chaturthi 2025: लखनऊ। गणपति चतुर्थी का पर्व नजदीक आते ही राजधानी लखनऊ के बाजार रंग-बिरंगी सजावट और रौनक से भर गए हैं। खासकर चौक, अमीनाबाद, आलमबाग और जैसे प्रमुख बाजारों में गणपति की प्रतिमाओं, सजावटी सामानों और मिठाइयों की दुकानें सजी हुई हैं।




जगह-जगह अस्थायी स्टॉल लगाकर कारीगर अपनी बनाई प्रतिमाएं बेच रहे हैं। मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस से ज़्यादा इस बार इको फ्रेंडली मूर्तियों की माँग है।




501 से लेकर 2 लाख तक की मूर्तियां

आईटी चौराहे पर पिछले 10 सालों से दुकान लगा रहे कुंदन कुमार ने बताया कि पिछली बार से इस बार इको फ्रेंडली मूर्तियों की मांग काफ़ी बढ़ी है। लोग मिट्टी की मूर्ति काफ़ी पसंद कर रहे हैं।




उन्होंने बताया कि उनके पास 501 रुपये से लेकर 2 लाख तक की मूर्तियां हैं। लेकिन दुकान पर सबसे महंगी मूर्ति की कुमार 35 हज़ार रुपए की है। 2 लाख की मूर्ति हमने ख़ास ऑर्डर पर बनाई है। वहीं, सजावट के लिए बाजारों में रंगीन झालरें, फूलों की माला, झालर, और थीम आधारित पंडाल सजावट का सामान ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है।


सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने बाजारों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की है। नगर निगम की ओर से साफ-सफाई और रोशनी की भी विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं और खरीददारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


त्योहार को लेकर राजधानी का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो उठा है। बाजारों की रौनक यह संदेश दे रही है कि लखनऊ में गणपति बप्पा का स्वागत पूरे उत्साह और धूमधाम से किया जाएगा।

1 / 7
Your Score0/ 7
Ashutosh Tripathi
ABOUT THE AUTHOR

Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

Next Story