रक्षाबंधन को लेकर लखनऊ में सजी दुकानें, जमकर बिकी तिरंगा राखियां

Lucknow News: रक्षाबंधन का त्योहार बस आने ही वाला है, जिसको लेकर राजधानी लखनऊ के सभी बाजारों में राखी की दुकानें सज गई है। हर तरफ़ राखी के त्योहार को लेकर चहल-पहल दिखायी दे रही है।

Ashutosh Tripathi
Published on: 7 Aug 2025 9:06 PM IST
रक्षाबंधन को लेकर लखनऊ में सजी दुकानें, जमकर बिकी तिरंगा राखियां
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Lucknow News: रक्षाबंधन का त्योहार बस आने ही वाला है, जिसको लेकर राजधानी लखनऊ के सभी बाजारों में राखी की दुकानें सज गई है। हर तरफ़ राखी के त्योहार को लेकर चहल-पहल दिखायी दे रही है। जहाँ दुकानदार तरह-तरह की राखियां लाकर बहनों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं तो वहीं बहनें भी अपनी भाइयों की कलाई को सजाने के लिए अच्छी से अच्छी राखी लेने के लिए जमकर खरीदारी कर रही है। भाई-बहन के प्रेम का पर्व 9 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार नई वैरायटियों की राखियां बाजार में उपलब्ध हैं। तेज बारिश होने के बाद भी बाजार राखी की खरीदारी को लेकर काफ़ी चहल पहल देखने को मिली। दुकानदारों का भी मानना है कि इस बार राखी के त्योहार पर उनकी अच्छी बिक्री होगी।


तिरंगा राखियों की धूम

भूतनाथ में राखी की दुकान लगाने राजेश ने बताया कि वैसे तो सभी राखियां बिकती हैं, लेकिन इस बार तिरंगा राखियों की माँग काफ़ी बढ़ी है, और वजह रक्षाबंधन के तुरंत बाद आने वाला स्वतंत्रता दिवस है। राखी की खरीदारी कर रही इंदिरा नगर निवासी सीमा ने कहा कि उनके भाई सेना में है और इस बार छुट्टी लेकर राखी पर घर आ रहे हैं इसलिए मैं उनके लिए स्पेशल तिरंगा राखी लेने आई हूं।


ट्रेंड में आई मॉर्डन राखियां

बदलते जमाने के साथ-साथ राखियों के फ़ैशन में काफ़ी बदलाव आ गया है। पहले सादे रेशमी धागे व सितारों से जड़ी राखी को बहन भाई की कलाई पर बांधती थीं। अब इनकी जगह मॉडर्न राखियों ने ली है। छोटे बच्चों के लिए कार्टून राखियाँ भी इस बार बाज़ार में खूब बिक रही है।


राखियों के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़े

पिछले साल की अपेक्षा इस बार राखी की कीमतों में करीब 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि दुकानदारों का मानना है कि इससे ग्राहकी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।



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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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