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Muzaffarnagar News: गोरखनाथ जी की मूर्ति खंडित होने पर घमासान, पुलिस जांच में जुटी
Muzaffarnagar News: चरथावल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घीसूखेड़ी गांव में मंगलवार रात एक 70 साल पुराने गोरक्षक नाथ मंदिर (गोघा जी माड़ी) में स्थापित गोरखनाथ जी की मूर्ति को कुछ असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया।
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Muzaffarnagar News:मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घीसूखेड़ी गांव में मंगलवार रात एक 70 साल पुराने गोरक्षक नाथ मंदिर (गोघा जी माड़ी) में स्थापित गोरखनाथ जी की मूर्ति को कुछ असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल फैल गया है।
सुबह होते ही स्थानीय ग्रामीणों और छत्रपति शिवाजी सेना के कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची चरथावल पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और जांच-पड़ताल में जुट गई।
ग्रामवासियों की मांग: आरोपी गिरफ्तार हों, नई मूर्ति स्थापित की जाए
ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए और मंदिर में नई मूर्ति की स्थापना प्रशासन द्वारा कराई जाए। घटना से आहत लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक मूर्ति खंडित करने का नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं पर आघात करने का कृत्य है।
CO सदर का बयान: CCTV जांच जारी, आरोपियों की होगी गिरफ्तारी
इस मामले में CO सदर देवव्रत वाजपेयी ने जानकारी देते हुए बताया “चरथावल थाना क्षेत्र के घीसूखेड़ी गांव स्थित गोगामेड़ी मंदिर में गोरखनाथ जी की मूर्ति का हाथ और पैर तोड़कर खंडित कर दिया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। तहरीर के आधार पर FIR दर्ज की जा रही है।”उन्होंने आगे कहा कि पहली बार इस क्षेत्र में ऐसी घटना सामने आई है और आगे से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छत्रपति शिवाजी सेना की मांग: सख्त कार्रवाई और मूर्ति की पुनः स्थापनाछत्रपति शिवाजी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य ने बताया:
“घीसूखेड़ी गांव का गोरखनाथ मंदिर 70 साल पुराना प्राचीन मंदिर है। वहां स्थापित मूर्ति को असामाजिक तत्वों ने तोड़कर खंडित कर दिया है। यह कृत्य हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। हम मांग करते हैं कि दोषियों का एनकाउंटर किया जाए या उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही प्रशासन द्वारा नई मूर्ति की पुनः स्थापना की जाए और मंदिर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।”
उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज को जानबूझकर उकसाने और निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम लोकतंत्र और प्रशासन में विश्वास रखते हैं और चाहते हैं कि आरोपी को कठोर सजा मिले।
निष्कर्ष:
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस जांच के आश्वासन से लोगों में आंशिक संतोष है। फिलहाल, पुलिस CCTV फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में काम कर रही है।


