Shravasti News: महानवमी पर सीता द्वार मंदिर में विधिवत हवन-पूजन व भंडारे का आयोजन

Shravasti News: जिले के थाना इकौना क्षेत्र अन्तर्गत गांव सभा टंडवा महंत स्थित वैदिक कालीन सीताद्वार मंदिर परिसर में बुधवार को नवमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।

Radheshyam Mishra
Published on: 1 Oct 2025 3:41 PM IST
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महानवमी पर सीता द्वार मंदिर में विधिवत हवन-पूजन व भंडारे का आयोजन  (photo: social media )

Shravasti News: नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती जनपद में परंपरागत तरीके से जिले के देवी मंदिरों और घर-घर में बुधवार को हवन, कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन हुआ। जिले के थाना इकौना क्षेत्र अन्तर्गत गांव सभा टंडवा महंत स्थित वैदिक कालीन सीताद्वार मंदिर परिसर में बुधवार को नवमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।

इस दौरान मंदिर के महंत पंडित संतोष दास तिवारी, क्षेत्र अन्तर्गत गांव सभा असहनाहवा के युवा समाजसेवी महेश कुमार तिवारी, नीरज कुमार त्रिपाठी, पंडित शंकर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार/एडवोकेट राधेश्याम मिश्र, अवधेश पांडेय, डॉक्टर पूर्णिमा सिंह समेत अन्य के सहयोग से भारी संख्या में कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें पूड़ी, सब्जी, खीर और दक्षिणा देकर कुंवारी कन्याओं और साधु-संतों से विधिवत आशीर्वाद लिया गया।

कन्याओं का पूजन किया गया

कार्यक्रम में सबसे ज्यादा सहयोग समाजसेवी महेश कुमार तिवारी और नीरज कुमार त्रिपाठी द्वारा किया गया। वहीं सुबह से घर-घर और दुर्गा पंडालों पर हवन, कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन चल रहा है। घरों में भी कन्याओं का पूजन किया गया।

इसी तरह नवमी के अवसर पर भिनगा कोतवाली अन्तर्गत काली माता मंदिर, सिद्ध पीठ जगपति माता मंदिर, गिलौला थाना अंतर्गत गांव सभा सुबखा के दुर्गा मंदिर, इकौना के ज्वाला मंदिर में सुबह से हवन और पूजन किया जा रहा है। सीताद्वार मंदिर में पंडित संतोष दास तिवारी हवन में यजमान रहे।

हजार लोगों ने भंडारे का प्रसाद पाया

उसके बाद मंदिर परिसर में विधिवत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें तमाम कन्याओं, साधु-संतों, पंडों, बच्चों, गरीबों और राह चलते लोगों तथा आसपास के ग्रामीणों को विधिवत भोजन कराया गया। इसमें कई हजार लोगों ने भंडारे का प्रसाद पाया।

वहीं दुर्गा पंडालों में कार्यकर्ताओं द्वारा आम राहगीरों को हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। इसके अलावा जनपद में विभिन्न स्थानों पर पूजन व भंडारा आयोजित हुआ और भगवान श्रीराम का प्राकट्योत्सव मनाया गया।

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