Sonbhadra News: नहाते समय सलहज का बनाया अश्लील वीडियो, चार साल तक करता रहा दुष्कर्म, न्यायालय ने कहा-अपराध गंभीर, जमानत अर्जी खारिज

Sonbhadra News: प्रकरण की अपर सत्र न्यायाधीश, (एफटीसी) (सीएडब्ल्यू) अर्चना रानी ने सुनवाई की और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की ओर से पेश किए गए तर्कों और सामने आए तथ्यो के आधार पर उक्त आदेश पारित किया।

Kaushlendra Pandey
Published on: 22 July 2025 8:27 PM IST
Sonbhadra News: नहाते समय सलहज का बनाया अश्लील वीडियो, चार साल तक करता रहा दुष्कर्म, न्यायालय ने कहा-अपराध गंभीर, जमानत अर्जी खारिज
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चार साल तक करता रहा दुष्कर्म, न्यायालय ने कहा-अपराध गंभीर   (photo:social media )

Sonbhadra News: दुद्धी कोतवाली क्षेत्र में पिछले माह रिश्ते में सलहज लगने वाली महिला के साथ दुष्कर्म के सामने आए मामले को न्यायालय ने गंभीर प्रकरण माना है और आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। प्रकरण की अपर सत्र न्यायाधीश, (एफटीसी) (सीएडब्ल्यू) अर्चना रानी ने सुनवाई की और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की ओर से पेश किए गए तर्कों और सामने आए तथ्यो के आधार पर उक्त आदेश पारित किया।

हत्या की धमकी देकर दुष्कर्म का दर्ज कराया गया था केस:

पीड़िता की तरफ से गत 16 जून 2025 को दुद्धी कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी गई थी। आरोप लगाया था कि ससुराल में रह रहा रोशन शाह उर्फ अब्दुल रऊफ निवासी अर्सली, थाना भवनाथपुर, जिला गढ़वा, झारखंड ने पति के काम पर जाने के बाद उसके घर में घुस आया। पति-बच्चों के हत्या की धमकी देकर दुष्कर्म किया। इसी तरह जबरिया महीनों से दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया।

पुलिस छानबीन में अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल का मामला आया सामनेः

पुलिस की छानबीन के दौरान दर्ज कराए गए बयान में पीड़िता की तरफ से पुलिस को जानकारी दी गई कि आरोपी ने लगभग चार वर्ष पूर्व उसकी नहाते समय की वीडियो बना ली थी और इसके जरिए उसे ब्लैकमेल तथा धमकी देते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था।

छत के रास्ते घर में घुसकर दुष्कर्म-बच्चों के हत्या की धमकी का आरोपः

30 मई 2025 की सुबह जब मैं घर में अकेली थी, तब वह छत की चारदिवारी फांदकर घर में घुस आया। उसके साथ जबरिया संबंध बनाते हुए आलमारी में रखे जेवरात नकदी को लेता गया। एतराज पर उसके साथ मार-पीट की। मोबाइल तोड़ दिया। न्यायालय ने पाया कि यह अपराध एक गंभीर अपराध की श्रेणी का है और एक महिला के विरूद्ध किया गया है। इसलिए आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र, इस स्तर पर स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।

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