Sonbhadra News: खाद की दुकान में मिला यूरिया का अवैध भंडारण, दुकान सील, लाइसेंस निलंबित, केस दर्ज, छापेमारी के दौरान पकड़ी गई गड़बड़ी

सोनभद्र जिले के म्योरपुर ब्लॉक में खाद की दुकान पर छापेमारी के दौरान यूरिया का अवैध भंडारण पकड़ा गया।

Kaushlendra Pandey
Published on: 24 Aug 2025 6:28 PM IST
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सोनभद्र । कोन ब्लाक क्षेत्र में उर्वरक के अवैध भंडारण के बाद अब म्योरपुर ब्लाक क्षेत्र में भी इसके अवैध भंड़ारण की स्थिति सामने आई है। डीएम के निर्देश पर गठित टीम की तरफ से की गई छापेमारी में, रजिस्टर में दर्ज स्टॉक से दोगुना खाद का भंडारण पाया गया है। संबंधित दुकान का लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही उसे सील कर दिया गया है। साथ ही संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ म्योरपुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई है।

- गोदाम में ऑन रिकार्ड स्टॉक से दोगुनी पाई गई यूरिया :

सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक डीएम के निर्देश के क्रम में एसडीएम दुद्धी निखिल यादव, जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप ए संदीप कुमार मौर्या, नंद किशोर मौर्या, बीज लिपिक सच्चिदानंद यादव और म्योरपुर पुलिस की मौजूदगी वाली टीम ने म्योरपुर स्थित मेसर्स रवानी खाद भंडार प्रोपराइटर धर्मेंद्र कुमार के दुकान और गोदाम पर छापेमारी की तो पता चला कि यहां दर्शाए गए स्टॉक से दोगुनी खाद रखी गई है। सामने आए तथ्यों और लोगों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर टीम ने माना किया यहां अबैध भंडारण कर खाद की कालाबाजारी/तस्करी की जा रही है और ओवर रेटिंग यानी निर्धारित कीमत से अधिक मूल्य वसूला जा रहा है।

- निरीक्षण के दौरान यह मिली स्थिति :

सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक निरीक्षण के दौरान वितरण से जुड़ी पास मशीन का परीक्षण किया गया तो पाया गया कि यूरिया 114 बोरी, एसएसपी जिंकेटेट ग्रेन्यूलर 30 बोरी गोदाम में मौजूद है लेकिन जब गोदाम का निरीचक्षण किया गया तो पाया गया कि 114 के मुकाबले 228 बोरी यूरिया, एनएफएल बांड रखा हुआ है। इस दौरान एनपीके की भी तीन बोरी रखी गई जिसका निरीक्षण के समय स्टॉक में जिक्र नहीं था।

- इस एक्ट के तहत दर्ज कराया गया केस :

टीम ने पाया कि उक्त फर्म उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक एवं मिश्रित) नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का स्पष्ट उल्लंघन कर रही है। इसको देखते हुए जहां प्रतिष्ठान को तत्काल सील कर दिया गया। वहीं, उर्वरक प्राधिकार पत्र 345/35882 को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए डीएम के समक्ष रिपोर्ट प्रेषित की गई। डीएम की तरफ से दिए गए कड़ी कार्रवाई के निर्देश के क्रम में रविवार को इस मामले में म्योरपुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई।

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