Varanasi News: वाराणसी की सड़कों पर अब नहीं दौड़ सकेंगे नाबालिग: पकड़े जाने पर अभिभावकों पर दर्ज होगा मुकदमा

Varanasi News: छुट्टियों के बाद स्कूली बच्चों द्वारा बिना हेलमेट और बिना लाइसेंस तेज रफ्तार में बाइक व स्कूटी चलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे यातायात नियमों की लगातार अनदेखी हो रही है।

Newstrack Network
Published on: 10 July 2025 8:04 PM IST
Minors no longer allowed to run on Varanasi roads
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वाराणसी की सड़कों पर अब नहीं दौड़ सकेंगे नाबालिग: पकड़े जाने पर अभिभावकों पर दर्ज होगा मुकदमा (Photo- Social Media)

Varanasi News: वाराणसी में अब नाबालिगों द्वारा तेज़ रफ्तार में वाहन चलाना महंगा पड़ सकता है — सिर्फ बच्चों पर नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि 18 वर्ष से कम आयु के किशोर वाहन चलाते पकड़े जाते हैं, तो उनके अभिभावकों के खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

नाबालिग चालकों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

छुट्टियों के बाद स्कूली बच्चों द्वारा बिना हेलमेट और बिना लाइसेंस तेज रफ्तार में बाइक व स्कूटी चलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे यातायात नियमों की लगातार अनदेखी हो रही है।

ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि पिछले साल अभियान चलाने के बावजूद अपेक्षित सख्ती नहीं हो सकी थी, लेकिन इस बार कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कानून क्या कहता है?

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार:

• 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को गियर वाला वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

• 16-18 वर्ष के किशोरों को बिना गियर वाले वाहन चलाने की विशेष अनुमति मिल सकती है, वह भी तय शर्तों के अंतर्गत।

यदि ये नियम तोड़े जाते हैं:

• वाहन का चालान किया जाएगा

• किशोर का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है

• अभिभावकों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा

सड़क हादसों के आंकड़े चौंकाते हैं

जनवरी-जून 2025 के दौरान वाराणसी में 105 लोगों की जान सड़क हादसों में गई।

इनमें अधिकांश हादसे बिना हेलमेट वाहन चलाने के कारण हुए।

चालान का आंकड़ा भी हेलमेट न पहनने वालों में सबसे अधिक रहा है।

स्कूल प्रशासन की चुप्पी भी जिम्मेदार

• अधिकतर नाबालिग छात्र बिना हेलमेट और लाइसेंस स्कूल आते हैं।

• इसके बावजूद कई स्कूल प्रबंधन ऐसे छात्रों को प्रवेश दे रहे हैं, जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हैं।

यह लापरवाही न सिर्फ बच्चों की जान जोखिम में डालती है, बल्कि अन्य राहगीरों की सुरक्षा भी खतरे में डालती है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश: अब बख्शा नहीं जाएगा

यातायात पुलिस ने साफ कहा है:

“अब जो अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने देंगे, उनके खिलाफ सीधे IPC की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”

यह संदेश सड़क सुरक्षा के प्रति एक कड़ा और निर्णायक रुख है।

निष्कर्ष

नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना सिर्फ एक कानून का उल्लंघन नहीं है — यह एक सामाजिक लापरवाही है, जो अनेक जानलेवा हादसों को जन्म देती है।

प्रशासन की यह कार्रवाई समय की आवश्यकता है और सभी अभिभावकों को अब सजग होकर जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।

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