Varanasi News: स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि सभा, गोपाल बिला को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग तेज़

Varanasi News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि विवेकानंद प्रवास स्थल केवल ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि यह उनकी साधना, संवाद और दर्शन की जीवित धरोहर है।

Ajit Kumar Pandey
Published on: 3 July 2025 8:03 PM IST
Tribute meeting on the eve of Swami Vivekanands death anniversary
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स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि सभा (Photo- Newstrack)

Varanasi News: स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्री चित्रगुप्त महासभा के तत्वावधान में वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित गोपाल बिला परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने 123 दीपों को प्रज्वलित कर महान विचारक और संत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

गोपाल बिला को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग ज़ोरों पर

सभा में उपस्थित वक्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भारत सरकार से गोपाल बिला को “राष्ट्रीय ऐतिहासिक धरोहर” घोषित करने की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यह स्थल न केवल स्वामी विवेकानंद के आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न अंग है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों और प्रेरणाओं का प्रतीक है।

विवेकानंद और काशी: आत्मिक जुड़ाव

वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संन्यासी नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्र चेतना के अग्रदूत और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रतिनिधि थे। उनका काशी से गहरा आत्मिक संबंध था। वे तीन बार काशी आए, और मई 1902 में अंतिम बार उन्होंने 39 दिनों तक गोपाल बिला में प्रवास किया। वर्तमान में यह भवन एलटी कॉलेज परिसर में स्थित है।

“सरकारी उपेक्षा में खो रही है ऐतिहासिक स्मृति”

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि विवेकानंद प्रवास स्थल केवल ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि यह उनकी साधना, संवाद और दर्शन की जीवित धरोहर है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि वर्तमान में इस परिसर में शिक्षा विभाग के कार्यालय, पुलिस थाना और पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, जो विरासत के संरक्षण के खिलाफ है।

11 वर्षों से संघर्ष कर रहे विनोद भैयाजी की अपील

विनोद भैयाजी, जो पिछले 11 वर्षों से इस स्थल को संरक्षित कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ने सभा में कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, पीएमओ, जिलाधिकारी और विधायक तक गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेताया कि अगर अब भी जनजागरण नहीं हुआ, तो आने वाली पीढ़ी हमें इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की एकजुट आवाज़

सभा में वरिष्ठ समाजसेवी अभय श्रीवास्तव ने संचालन किया। अन्य प्रमुख उपस्थितजनों में गुलाबचंद श्रीवास्तव, हरिशंकर श्रीवास्तव, अरविन्द श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, राजीव सिन्हा, हर्षित श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव सहित अनेक लोग मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि गोपाल बिला को तत्काल राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा मिलती रहे।

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