ट्रंप की धमकी के बावजूद नहीं झुका भारत! अमेरिका से ट्रेड वॉर के बीच रूस से ताबड़तोड़ खरीदा कच्चा तेल

India-Russia crude oil deal: अमेरिका की धमकियों के बावजूद भारत ने रूस से कच्चा तेल आयात बढ़ाया, ट्रंप की टैरिफ चेतावनी बेअसर, भारत ने आर्थिक और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा।

Harsh Srivastava
Published on: 15 Aug 2025 6:44 PM IST
ट्रंप की धमकी के बावजूद नहीं झुका भारत! अमेरिका से ट्रेड वॉर के बीच रूस से ताबड़तोड़ खरीदा कच्चा तेल
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India-Russia crude oil deal: अमेरिका से ट्रेड डील में मनचाही सफलता न मिलने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी अब भारत के लिए नई चुनौतियां लेकर आ रही है। हालांकि, अमेरिका की धमकियों और भारी-भरकम टैरिफ का भारत पर कोई असर नहीं पड़ा है। हाल ही में ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 50% तक टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बाद भी भारत ने अगस्त महीने में रूस से कच्चे तेल का आयात और बढ़ा दिया है। यह साफ दिखाता है कि भारत अपनी आर्थिक नीतियों पर अडिग है और अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखता है।

अगस्त में रूस से बढ़ा तेल आयात, ट्रंप की चेतावनी बेअसर

वैश्विक डेटा और एनालिटिक्स फर्म केप्लर के मुताबिक, अगस्त के पहले पखवाड़े में भारत ने कुल 52 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया। इस आयात में सबसे बड़ा हिस्सा रूस का था, जिससे लगभग 38% तेल खरीदा गया। केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अगस्त में अब तक रूस से प्रतिदिन 20 लाख बैरल तेल खरीदा है, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 16 लाख बैरल प्रतिदिन था। इसका मतलब है कि मासिक आधार पर भारत का रूस से तेल आयात बढ़ा है, जो ट्रंप प्रशासन की धमकियों के बाद भी भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाता है।

भारत ने आर्थिक हितों को दी प्राथमिकता

केप्लर के प्रमुख विश्लेषक सुमित रिटोलिया ने बताया कि भारत का रूस से तेल आयात स्थिर बना हुआ है और इसमें कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा, "ट्रंप प्रशासन की शुल्क की घोषणा के बाद भी इसमें कोई कमी नहीं आई है।" रिटोलिया ने यह भी बताया कि अगस्त की तेल आपूर्ति का फैसला जून और जुलाई की शुरुआत में ही हो गया था, और अगर कोई बदलाव आता है तो वह सितंबर के अंत या अक्टूबर में आने वाली खेप में ही दिखेगा। आपको बता दें कि इस अवधि में भारत ने इराक और सऊदी अरब जैसे पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से तेल की खरीद कम कर दी है, जबकि अमेरिका से तेल आयात पांचवां सबसे बड़ा रहा। यह दिखाता है कि भारत की रिफाइनरी कंपनियां कच्चे तेल की खरीद में आर्थिक पहलुओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं।

ट्रंप की धमकी और भारत का दो टूक जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया था कि वह रूस से बहुत अधिक व्यापार कर रहा है और यूक्रेन युद्ध में उसकी आर्थिक सहायता कर रहा है। इसके बाद उन्होंने भारत पर पहले 25% और फिर 50% तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया। लेकिन भारत ने अमेरिका के इस कदम को "तर्कहीन" बताया है और साफ कर दिया है कि वह अपने आर्थिक और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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