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Mr. ट्रंप...भारत झुकेगा नहीं! डोभाल-पुतिन की मुलाकात से भारत-रूस रिश्तों में नई गर्माहट, Video आया सामने
India Russia Meeting: एक तरफ जहां ट्रंप टैरिफ बम से दुनिया को आंख दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ डोभाल और पुतिन की मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि भारत अमेरिका से न डरेगा और न झुकेगा।
India Russia Meeting
India Russia: एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस से संबंध पर नाराजगी व्यक्त करते हुए भारत पर 50% का टैरिफ लगाया। तो वहीं दूसरी तरफ भारत ने भी अमेरिका के सामने नहीं झुकने की कसम खा ली है। यह बात इस तनावपूर्ण समय में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात से साबित होती है। जी हां, बीते दिन डोभाल और पुतिन ने गर्मजोशी से एक-दूसरे से हाथ मिलाकर मुलाकात की।
डोभाल और पुतिन की मुलाकात बनी चर्चा का विषय
भारत और रूस के संबंध दशकों से भरोसे और सहयोग पर टिके रहे हैं। चाहे ऊर्जा हो, रक्षा हो या अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ निभाया है। हाल ही में अजीत डोभाल ने रूस की राजधानी मॉस्को का दौरा किया। यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि आने वाले समय के लिए रणनीतिक दिशा तय करने का संकेत थी। यहां क्रेमलिन में हुई इस बैठक के दौरान डोभाल ने पुतिन से गर्मजोशी से हाथ मिलाया। यह पल कैमरों में कैद हो गया और क्लिप वायरल होते ही दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया। इस मुलाकात से पहले डोभाल ने रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु के साथ भी लंबी और महत्वपूर्ण बातचीत की।
डोभाल की यात्रा का उद्देश्य
डोभाल की इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत और रूस के बीच ऊर्जा तथा रक्षा संबंधों को और मजबूत करना था। इसके साथ ही, इस साल के अंत में राष्ट्रपति पुतिन की संभावित भारत यात्रा के लिए रास्ता तैयार करना भी एक अहम लक्ष्य था। भारत और रूस के बीच तेल, गैस, परमाणु ऊर्जा और हथियारों के क्षेत्र में गहरे सहयोग की परंपरा रही है, जिसे यह यात्रा और आगे बढ़ाने का प्रयास है।
आंख दिखाते रह गए ट्रंप
दिलचस्प बात यह है कि डोभाल का यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक आदेश जारी कर भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह कदम रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले से जुड़ा माना जा रहा है। ऐसे माहौल में डोभाल का रूस जाना, कई अंतरराष्ट्रीय संदेश देता है खासकर अमेरिका को।
पुतिन की गर्मजोशी
मुलाकात के दौरान पुतिन का व्यवहार भी देखने लायक रहा। वीडियो में साफ दिखता है कि पुतिन तेजी से आगे बढ़ते हैं, डोभाल से मुस्कुराकर हाथ मिलाते हैं और बैठकर बात करने का इशारा करते हैं। यह केवल एक शिष्टाचार नहीं, बल्कि आपसी भरोसे और सम्मान का प्रतीक है। यह दृश्य उन देशों को असहज कर सकता है जो भारत और रूस की नजदीकी से खुश नहीं हैं।
इस मुलाकात के बाद अब कहीं न कहीं राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा लगभग तय माना जा रहा है, और यह संभव है कि इसके बाद भारत-रूस संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच जाएं।


