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अब आए ट्रंप असली रंग में! पुतिन को ‘शांति’ नहीं जंग का पैगाम, यूक्रेन को मिलेंगे तबाही के हथियार, रूस के खिलाफ गठबंधन तैयार
Trump vs Putin: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐसा ऐलान कर दिया है जो सीधे-सीधे रूस की नींद उड़ा सकता है। अब तक यूक्रेन को जो भी हथियार मिल रहे थे, वो जो बाइडेन की रक्षात्मक रणनीति के दायरे में आते थे। लेकिन ट्रंप का अंदाज़ जुदा है वो न तो लुकाछिपी करते हैं, न ही माफी मांगते हैं।
Trump vs Putin: अब बात कूटनीति की नहीं, टैंक और मिसाइल की है। अब चर्चाएं नहीं, धमाके गूंजेंगे। और इसकी शुरुआत हो चुकी है वो भी डोनाल्ड ट्रंप के एक झटकेदार फैसले से। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐसा ऐलान कर दिया है जो सीधे-सीधे रूस की नींद उड़ा सकता है। अब तक यूक्रेन को जो भी हथियार मिल रहे थे, वो जो बाइडेन की रक्षात्मक रणनीति के दायरे में आते थे। लेकिन ट्रंप का अंदाज़ जुदा है वो न तो लुकाछिपी करते हैं, न ही माफी मांगते हैं। और इस बार उन्होंने युद्ध नीति में सीधा दखल देकर यूक्रेन को घातक हथियारों की खेप भेजने का निर्णय लिया है।
पुतिन के इनकार ने बदली चाल, अब जवाब में तबाही भेजेगा अमेरिका
ट्रंप ने राष्ट्रपति पद पर लौटते ही शांति की कोशिश की थी। बातचीत का प्रस्ताव भी भेजा गया लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हर दरवाज़ा बंद कर दिया। ना गोलाबारी थमी, ना यूक्रेन की बर्बादी। अब ट्रंप ने जो किया है, वह सिर्फ जवाब नहीं बल्कि साफ़ संकेत है कि अब शांति के गीत नहीं, जंगी साज बजेगा।
यूक्रेन को मिलेंगे वो हथियार, जो जंग का रुख पलट सकते हैं
यूक्रेन को अब जो हथियार मिलेंगे, वो युद्ध के मैदान की दिशा बदल सकते हैं। ट्रंप ने 300 मिलियन डॉलर यानी करीब 2500 करोड़ रुपये की सैन्य मदद का वादा किया है। इसमें शामिल हैं:
गाइडेड मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (GMLRS) — जो लंबी दूरी से सटीक निशाना लगाते हैं।
155 मिमी के घातक आर्टिलरी शेल्स — जो दुश्मन की पोजीशन को ध्वस्त कर सकते हैं।
पैट्रियट डिफेंस सिस्टम पर भी विचार जारी है—जो रूस की मिसाइलों को हवा में ही ढेर कर सकता है।
ये सभी हथियार मिलकर यूक्रेन को सिर्फ रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक बना देंगे। और यही रूस को सबसे ज़्यादा चुभ रहा है।
22 जून की ईरान बमबारी अब रूस की बारी?
आपको याद होगा कि हाल ही में अमेरिका ने 22 जून को ईरान की तीन परमाणु साइट्स पर एयरस्ट्राइक की थी। अब वही पैटर्न रूस पर भी अपनाने की रणनीति बन रही है। वॉशिंगटन के रणनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पुतिन अगर नहीं माने, तो अगला निशाना रूस के हथियार ठिकाने बन सकते हैं।
बन रहा है विनाश गठबंधन
इस बार अमेरिका अकेले नहीं है। उसके साथ आ चुके हैं ब्रिटेन,फ्रांस,कनाडा और NATO के कई अन्य देश अमेरिका अपने हथियार NATO देशों को भी देगा ताकि वे सीधे यूक्रेन को सहयोग कर सकें। यानी आने वाले दिनों में यूरोप की फिज़ा बारूद से भरने वाली है।
रूस ने दी धमकी अब अगर हमला हुआ तो...
डोनाल्ड ट्रंप के इस ऐलान के बाद मॉस्को से धधकती चेतावनी आई है। क्रेमलिन ने कहा है कि NATO और अमेरिका की यह हरकत सीधे जंग को भड़काने वाली है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है अगर पश्चिमी देश यूक्रेन को इस तरह के हमले के हथियार देंगे, तो हम अपने तरीके से जवाब देंगे... और वो जवाब सिर्फ सीमित नहीं होगा। कुछ रूसी रणनीतिक विश्लेषकों ने तो यह तक कहा है कि ट्रंप की ये हरकत तीसरे विश्व युद्ध के दरवाज़े खोल सकती है।
अब सवाल यह नहीं कि युद्ध होगा या नहीं सवाल है कि कब होगा
डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दशा और दिशा दोनों तय कर सकता है। यूक्रेन में चल रही जंग अब किसी एक देश की नहीं रही, यह अब मजबूतों की भिड़ंत बन चुकी है। एक ओर पुतिन हैं, जिनके पास मिसाइलों का अंबार है। दूसरी ओर ट्रंप, जिनके पास हथियारों की फौज और सहयोगियों की ताकत। अब दुनिया कांप रही है। हर कोई पूछ रहा है क्या 2025 बन जाएगा 1945 का नया संस्करण? क्या फिर गिरेगा कोई हिरोशिमा? क्या दुनिया तीसरे महायुद्ध की ओर बढ़ रही है? यह तय है कि डोनाल्ड ट्रंप अब चुप नहीं बैठेंगे, और व्लादिमीर पुतिन झुकने को तैयार नहीं हैं।


