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Bihar Election 2025 First Phase: 121 सीटों की जंग, जानें बिहार चुनाव के पहले चरण का इतिहास
Bihar Election 2025 First Phase History : बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को होना है। इस चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हो रहा है।
Bihar Election 2025 First Phase
Bihar Election 2025 First Phase History: बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को होना है। इस चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी लोगों की निगाहें केवल उम्मीदवारों पर नहीं, बल्कि पिछले चार चुनावों के रुझानों, मतदान प्रतिशत, हिंसा, सुरक्षा और दलगत प्रदर्शन पर टिकी हैं। आइए एक नजर डालते हैं पहले चरण के ऐतिहासिक परिदृश्य पर।
पहले चरण की 121 विधानसभा सीटें
अलमनगर, बिहारिगंज, सिंहेश्वर (SC), मधेपुरा, सोनबरसा (SC), सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, कुशेश्वरस्थान (SC), गौरा बौराम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी, जाले, गैघाट, औराई, मीनापुर, बोचहां (SC), सकरा (SC), कुरहनी, मुजफ्फरपुर, कांटी, बरुराज, पारू, साहेबगंज, बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोट, भोरे (SC), हथुआ, सीवान, जीरादेई, दरौली (SC), रघुनाथपुर, दरौंदा, बरहरिया, गोरीकोठी, महाराजगंज, एकमा, मंझी, बनियापुर, तरैया, मरहौरा, छपरा, गढ़खा (SC), अमनौर, परसा, सोनपुर, हाजीपुर, लालगंज, वैशाली, महुआ, राजा पाकर (SC), राघोपुर, महनार, पातेपुर (SC), कल्याणपुर (SC), वारिसनगर, समस्तीपुर, उजियारपुर, मुरवा, सरायरंजन, मोईउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसेरा (SC), हसनपुर, चरिया बरीयारपुर, बछवारा, तेघरा, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, बेगूसराय, बखरी (SC), अलौली (SC), खगड़िया, बेलदौर, परबत्ता, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 — पहला चरण (121 सीटें)
1. सहरसा ज़िला
सोनबरसा (SC)
सिमरी बख्तियारपुर
महिषी
सहरसा
2. मधेपुरा ज़िला
बिहारिगंज
सिंहेश्वर (SC)
मधेपुरा
3. सुपौल ज़िला
त्रिवेणीगंज
छातापुर
सुपौल
4. दरभंगा ज़िला
कुशेश्वरस्थान (SC)
गौरा बौराम
बेनीपुर
अलीनगर
दरभंगा ग्रामीण
दरभंगा
हायाघाट
बहादुरपुर
केवटी
जाले
5. मुजफ्फरपुर ज़िला
औराई
मीनापुर
बोचहां (SC)
सकरा (SC)
कुरहनी
मुजफ्फरपुर
कांटी
बरुराज
पारू
साहेबगंज
6. गोपालगंज ज़िला
बैकुंठपुर
बरौली
गोपालगंज
कुचायकोट
भोरे (SC)
हथुआ
7. सीवान ज़िला
सीवान
जीरादेई
दरौली (SC)
रघुनाथपुर
दरौंदा
बरहरिया
गोरीकोठी
8. सारण ज़िला
महाराजगंज
एकमा
मंझी
बनियापुर
तरैया
मरहौरा
छपरा
गढ़खा (SC)
अमनौर
परसा
सोनपुर
9. वैशाली ज़िला
हाजीपुर
लालगंज
वैशाली
महुआ
राजा पाकर (SC)
राघोपुर
महनार
पातेपुर (SC)
10. समस्तीपुर ज़िला
कल्याणपुर (SC)
वारिसनगर
समस्तीपुर
उजियारपुर
मुरवा
सरायरंजन
मोईउद्दीननगर
विभूतिपुर
रोसेरा (SC)
हसनपुर
11. बेगूसराय ज़िला
चरिया बरीयारपुर
बछवारा
तेघरा
मटिहानी
साहेबपुर कमाल
बेगूसराय
बखरी (SC)
12. खगड़िया ज़िला
अलौली (SC)
खगड़िया
बेलदौर
परबत्ता
13. मुंगेर ज़िला
तारापुर
मुंगेर
जमालपुर
कुल सीटें: 121
जिले: 18
विशेष आरक्षित (SC) सीटें: 15
बिहार विधानसभा चुनाव : पहले चरण का इतिहास और आंकड़े (2005–2025)
वर्ष 2020 : कोरोना काल का चुनाव
2020 का बिहार चुनाव देश का पहला ऐसा बड़ा विधानसभा चुनाव था जो कोरोना महामारी के बीच कराया गया। पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर 2020 को हुआ था। इसमें 71 सीटों पर वोट डाले गए, जो मुख्यतः बिहार के मगध और भागलपुर क्षेत्र में थीं।
कुल मतदान प्रतिशत: 54.26%
पुरुष मतदान: 53.69%
महिला मतदान: 55.48%
महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही — जो बिहार चुनावों में एक लगातार रुझान बन चुका है।
मुख्य दलों का प्रदर्शन (पहले चरण की सीटों पर):
RJD – 30 सीटों में से 17 जीती
JD(U) – 22 सीटों में से 12
BJP – 15 सीटों में से 8
कांग्रेस – 21 में से 6
CPI(ML) – 6 सीटें
अन्य – 2
कुल सुरक्षा बल तैनाती:
लगभग 1.50 लाख जवान, जिनमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 1,000 कंपनियाँ शामिल थीं।
बूथों की संख्या: करीब 31,000।
हिंसा / गड़बड़ी: मामूली झड़पों के अलावा कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई, चुनाव आयोग ने इसे “शांतिपूर्ण” घोषित किया।
वर्ष 2015 : महागठबंधन बनाम NDA की जंग
पहले चरण की तारीख: 12 अक्टूबर 2015
कुल सीटें: 49
जिले: औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय, भागलपुर, बांका।
कुल मतदान: 57%
पुरुष: 56.8%
महिला: 58.1%
2015 का यह चुनाव महागठबंधन (RJD + JDU + कांग्रेस) और NDA (BJP + LJP + RLSP + HAM) के बीच हुआ था।
पहले चरण में महागठबंधन का पलड़ा भारी रहा।
RJD – 27 सीटों में से 18
JDU – 13 में से 10
BJP – 27 में से 12
LJP – 3 में से 1
सुरक्षा व्यवस्था:
करीब 1.30 लाख जवान,
बूथों की संख्या: 13,212
हिंसा: गया और औरंगाबाद में दो अलग-अलग घटनाओं में 3 मौतें, जबकि दर्जनों घायल।
इस चरण में नीतीश कुमार की सामाजिक समीकरण रणनीति और लालू यादव का मुस्लिम-यादव (MY) गठजोड़ निर्णायक साबित हुआ।
वर्ष 2010 : नीतीश कुमार की ‘सुशासन’ लहर
पहले चरण की तारीख: 21 अक्टूबर 2010
कुल सीटें: 47
मतदान प्रतिशत: 50.9%
2010 का चुनाव पूरी तरह से नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल बनाम लालू यादव के जंगलराज की छवि के बीच हुआ था।
पहले चरण में NDA को बड़ा फायदा मिला।
परिणाम (पहले चरण की सीटों पर):
JD(U) – 26
BJP – 16
RJD – 4
LJP – 1
महिला मतदाता: लगभग 51%
पुरुष मतदाता: 49%
सुरक्षा:
करीब 90,000 जवान
हिंसा:
औरंगाबाद और जमुई में नक्सली हमले हुए, 6 जवान शहीद। कई बूथों पर मतदान बाधित हुआ।
वर्ष 2005 (फरवरी): त्रिशंकु विधानसभा
2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए — फरवरी और अक्तूबर में।
पहले चरण का मतदान: 3 फरवरी 2005
कुल सीटें: 64
यह चुनाव लालू यादव के शासन के खिलाफ “परिवर्तन की लहर” का प्रतीक था।
मतदान का प्रतिशत 46.5% ही रहा।
परिणाम (पहले चरण):
RJD – 24
LJP – 10
JD(U) – 12
BJP – 9
कांग्रेस – 3
अन्य – 6
लेकिन कोई दल स्पष्ट बहुमत नहीं पा सका, और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ।
हिंसा:
लगभग 12 मौतें — जिनमें औरंगाबाद, गया और नालंदा में नक्सली हिंसा प्रमुख रही।
सुरक्षा:
करीब 75,000 जवान।
बूथ: लगभग 23,000।
अब की तस्वीर : वर्ष 2025
इस बार यानी 2025 के पहले चरण में कुल 121 सीटों पर मतदान हो रहा है — यानी पिछले चुनावों की तुलना में अब तक का सबसे बड़ा चरण।
मतदान की तारीख: 6 नवंबर 2025
कुल मतदाता: लगभग 2.72 करोड़
महिला मतदाता प्रतिशत: 47.9%
पहली बार वोट देने वाले युवा: लगभग 22 लाख
बूथों की संख्या: करीब 44,000, जिनमें से 1.2 लाख EVM/VVPAT मशीनें लगाई गई हैं।
सुरक्षा बल: लगभग 1.70 लाख, जिसमें CAPF की 1,200 कंपनियाँ शामिल।
चुनाव आयोग ने इस बार “SIR अभियान” (Special Summary Revision + Smart Inclusion Review) के तहत
पहली बार वोटर लिस्ट को डिजिटल रूप में अपडेट किया है और QR आधारित Voter Slip लागू की है।
संवेदनशील बूथ: 4,200
वेबकास्टिंग: 10,000 से अधिक बूथों पर लाइव निगरानी।
निष्कर्ष : बिहार की लोकतांत्रिक यात्रा का पहला चरण
यदि हम पिछले दो दशकों के पहले चरणों की तुलना करें, तो कुछ दिलचस्प तथ्य सामने आते हैं
1. मतदान प्रतिशत में लगातार सुधार हुआ है — 2005 के 46% से बढ़कर 2020 में 54% तक।
2. महिला मतदाताओं की भागीदारी अब पुरुषों से आगे निकल चुकी है।
3. हिंसा की घटनाओं में गिरावट आई है, 2010 के नक्सली हमलों के बाद से सुरक्षा व्यवस्थाएँ अत्यंत सख्त की गई हैं।
4. भौगोलिक विस्तार बढ़ा है — अब पहले चरण में 121 सीटें, 13 जिले और लगभग तीन करोड़ मतदाता शामिल हैं।
5. डिजिटल और निगरानी तंत्र (वेबकास्टिंग, ऐप आधारित रिपोर्टिंग, SIR-लिंक्ड वोटर चेक) ने 2025 के चुनाव को सबसे तकनीकी और पारदर्शी बना दिया है।


