Dharmendra Death: अलविदा ही-मैन! फिल्म के साथ राजनीति में भी था धर्मेंद्र का जलवा, बीकानेर से बने थे सांसद

Dharmendra Death: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अपने दमदार अभिनय और मासूम मुस्कान से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले 'ही-मैन' ने फिल्मों के साथ-साथ बीकानेर से सांसद के रूप में भी राजनीति में अपनी छाप छोड़ी। उनका यह सफर मनोरंजन और राजनीति दोनों ही क्षेत्रों में यादगार रहा।

Harsh Srivastava
Published on: 24 Nov 2025 2:07 PM IST (Updated on: 24 Nov 2025 2:08 PM IST)
Dharmendra Death: अलविदा ही-मैन! फिल्म के साथ राजनीति में भी था धर्मेंद्र का जलवा, बीकानेर से बने थे सांसद
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Dharmendra Death: बॉलीवुड के 'ही-मैन' कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। अपनी दमदार अदाकारी, मासूम मुस्कान और बेमिसाल अंदाज़ से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस महान कलाकार ने 89 वर्ष की आयु में सोमवार, 24 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। पिछले कुछ समय से वह अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। कुछ दिन पहले ही उन्हें घर लाया गया था, जहाँ उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से पूरी फ़िल्मी दुनिया, उनके प्रशंसक और राजनीति से जुड़े लोग गहरे सदमे में हैं।

धर्मेंद्र जी का फ़िल्मी करियर जितना शानदार और सफल रहा, उतनी ही दिलचस्प और छोटी रही उनकी राजनीतिक यात्रा। यह वह पहलू है जिसके बारे में उन्होंने खुद कभी-कभी अफसोस भी जताया। हालांकि उनका यह सफर फिल्मों जैसा सफल नहीं हो पाया, लेकिन यह हमेशा चर्चा का विषय जरूर रहा। आइए जानते हैं, बॉलीवुड के इस महानायक ने कैसे राजनीति की दुनिया में कदम रखा और उनका वह कार्यकाल क्यों यादगार बन गया।

राजनीति में 'वीरू' की एंट्री और बीकानेर का चुनाव

साल 2004 में धर्मेंद्र ने उस समय की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 'शाइनिंग इंडिया' अभियान से प्रभावित होकर राजनीति के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। यह उनके जीवन का एक अप्रत्याशित मोड़ था। उन्होंने अपने दोस्त और सह-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के साथ मिलकर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। यही मुलाकात उनकी राजनीतिक यात्रा का पहला आधिकारिक कदम बनी। बीजेपी ने उन्हें राजस्थान की बीकानेर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशी रमेश्वर लाल दूडी से था। धर्मेंद्र की लोकप्रियता का जादू सिर चढ़कर बोला और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को लगभग 60 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की। एक सफल अभिनेता अब सीधे संसद पहुँच चुका था।

'शोले' का डायलॉग और संसद में कम हाजिरी

संसद में धर्मेंद्र का कार्यकाल उनकी फिल्मों जैसा सफल नहीं रहा, बल्कि यह उनकी अनुपस्थिति के कारण अधिक सुर्खियों में रहा। धर्मेंद्र को जल्द ही एहसास हो गया था कि राजनीति उनके मिजाज के अनुकूल नहीं है। उन्होंने एक बार अपनी मशहूर फिल्म 'शोले' के एक डायलॉग का ज़िक्र करते हुए मज़ाकिया अंदाज़ में कहा था कि अगर सरकार उनकी बात नहीं सुनेगी तो वह संसद की छत से कूद जाएंगे। यह बयान उनकी राजनीतिक बेचैनी को दर्शाता था।

अपने पाँच साल के कार्यकाल के दौरान, उनकी संसद में हाजिरी बहुत कम रही। बीकानेर के लोगों ने अक्सर यह शिकायत की कि उनके सांसद धर्मेंद्र न तो क्षेत्र में ज़्यादा आते थे और न ही जनता के साथ उनका कोई ख़ास जुड़ाव था। वह अपना ज़्यादातर समय फ़िल्मों की शूटिंग या अपने फार्महाउस पर बिताते थे। हालांकि, उनके समर्थक हमेशा यह तर्क देते रहे कि धर्मेंद्र ने पर्दे के पीछे रहकर बीकानेर के विकास के लिए काफी काम किया था।

राजनीति से संन्यास और बेटे का खुलासा

साल 2009 में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद धर्मेंद्र ने दोबारा चुनाव नहीं लड़ा और सक्रिय राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लिया। वह राजनीति की चकाचौंध से दूर अपने फ़ार्महाउस पर सुकून की जिंदगी बिताना चाहते थे। बाद में, उनके बेटे और अभिनेता सनी देओल ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि धर्मेंद्र को राजनीति बिल्कुल पसंद नहीं थी और वह सांसद बनने का अफसोस भी करते थे। धर्मेंद्र ने खुद एक बार अपनी दिल की बात कहते हुए कहा था, "काम मैं करता था, क्रेडिट कोई और ले जाता था। शायद वो जगह मेरे लिए नहीं थी।"

दिलचस्प बात यह है कि राजनीति से खुद दूरी बनाने के बाद भी, उनके बेटे सनी देओल और पत्नी हेमा मालिनी ने इस क्षेत्र में कदम रखा। सनी देओल ने गुरदासपुर से चुनाव जीता और फिर उन्होंने भी राजनीति छोड़ दी, जबकि हेमा मालिनी लगातार तीन बार मथुरा से सांसद चुनी गई हैं। लेकिन धर्मेंद्र ने हमेशा ही खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा। आज, उनके निधन के साथ ही बॉलीवुड के एक युग का अंत हो गया है, जिसने लाखों लोगों को हँसाया, रुलाया और प्यार करना सिखाया।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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