हादसे में खोया एक हाथ... दूसरे में तिरंगा लेकर लखनऊ की सड़कों पर स्केटिंग कर रहे बिहार के अरविंद, युवाओं को प्रेरणा देने वाली सुनाई दास्तां-

UP News: राजधानी लखनऊ में एक ओर 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।

Hemendra Tripathi
Published on: 15 Aug 2025 1:28 PM IST (Updated on: 15 Aug 2025 2:50 PM IST)
हादसे में खोया एक हाथ... दूसरे में तिरंगा लेकर लखनऊ की सड़कों पर स्केटिंग कर रहे बिहार के अरविंद, युवाओं को प्रेरणा देने वाली सुनाई दास्तां-
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 Indian Independence Day Skating, Motivational Youth Story

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ओर 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। वहीं, दूसरी ओर इसी देशभक्ति के साथ युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा का काम करने वाली एक तस्वीर भी निकलकर सामने आई। दरअसल, लखनऊ की सड़कों पर हाथों में तिरंगा लेकर स्केटिंग करते हुए एक युवा देशभक्ति के गानों पर झूमते हुए गुजर रहा था। गौर करने वाली बात यह थी कि शारीरिक रूप से दिव्यांग युवा ने बातचीत के दौरान कुछ ऐसी बातें कहीं जो किसी हादसे के बाद मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा देने का काम करेंगी।

लखनऊ की सड़कों पर हाथ में तिरंगा लेकर स्केटिंग कर रहे अरविंद ठाकुर

बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले अरविंद ठाकुर ने बताया कि वे 1 साल से लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। शुक्रवार को लखनऊ के विधानसभा मार्ग पर स्वतंत्रता दिवस के समारोह के समापन के बाद अरविंद ठाकुर एक हाथ में तिरंगा लेकर हजरतगंज की अलग-अलग सड़कों पर स्केटिंग करते हुए नजर आए। उन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर तब आकर्षित किया, जब लोगों को उनका एक हाथ नहीं दिखा। सिर्फ एक हाथ के सहारे अच्छी बैलेंसिंग के साथ स्केटिंग करना बेहद मुश्किल होता है लेकिन इस करतब को अरविंद ठाकुर बेहद सरलता से करते हुए नजर आए। अपने संघर्ष के पीछे की उन्होंने जो कहानी बताई, वह हर किसी के लिए एक बड़ी मिसाल बनी।


सड़क हादसे में खो दिया एक हाथ मानसिक तनाव के चलते कई बार आत्महत्या का आया ख्याल

न्यूज़ ट्रैक से हुई बातचीत में देशभक्ति का जज्बा दिखाने वाले अरविंद ठाकुर ने बताया कि साल 2022 में बिहार में हुए सड़क हादसे में उन्होंने अपना एक हाथ को दिया था। वह पढ़ाई में अच्छे होने के साथ-साथ स्टेट लेवल के स्विमर थे लेकिन दिव्यांग होने के बाद उन्हें अपनी स्विमिंग छोड़नी पड़ी। इसके साथ ही अचानक हुए हादसे की वजह से वह मानसिक तनाव में भी चले गए, जिसके चलते वह कई बार अकेले कमरे में घंटों घंटों तक बैठकर भविष्य को लेकर चिंतित होने लगे। उन्होंने बताया कि कई बार उनके दिमाग में आत्महत्या जैसे ख्याल भी आए लेकिन इन सब के बीच उन्होंने अनेकों परिस्थितियों से लड़कर भी अपना नाम बनाने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ली और वह इस तनाव से उभरकर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने में जुट गए।


दशरथ मांझी से ली प्रेरणा, अब ओलंपिक्स में जाने का बुनाया स्वप्न

अरविंद ठाकुर ने बताया कि उन्होंने दशरथ मांझी जैसे महापुरुषों से प्रेरणा ली, जिन्होंने पहाड़ खोदकर रास्ता बना दिया तो आखिर हमें ईश्वर ने एक हाथ के अलावा और भी बहुत कुछ दिया है, जिसके जरिए हम अपनी मंजिल को सफलतापूर्वक पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी की प्रेरणा और प्रेमानंद जी महाराज के आशीर्वचन को उन्होंने अपने जीवन में उतारा और बड़ा एथलीट बनने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका सपना ओलंपिक में जाने का है, जिसके चलते वे अब हार नाम के शब्द को पीछे छोड़कर स्केटिंग कर रहे हैं। आपको बता दें एक हाथ से स्केटिंग करना बेहद कठिन है। लेकिन अरविंद ने मात्र तीन महीने के अंदर ख़ुद को स्केटिंग करने में माहिर बना लिया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हजरतगंज में तिरंगा लेकर स्केटिंग करते हुए नजर आए।

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Hemendra Tripathi is a former Reporter at Newstrack.com.

Ashutosh Tripathi
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Ashutosh Tripathi

आशुतोष त्रिपाठी जन्म 17 अप्रैल 1988 एक भारतीय फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट हैं। पत्रकारिता जीवन की शुरुआत बतौर रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मूवमेंट में हुई, इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। आशुतोष त्रिपाठी ने 2007 में एमिटी विश्वविद्यालय से मास्टर इन जर्नलिस्म एंड मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। 2010 में वौइस् ऑफ मूवमेंट अखबार में बतौर रिपोर्टर तीन साल काम किया। इसके बाद 2013 में नव भारत टाइम्स में एक युवा फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। 2014 में एक फोटोग्राफर बने और एक साल बाद दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में सीनियर फोटोजर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। 2016 से लगातार newstrack.com में चीफ फोटोजर्नलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में एक इनके द्वारा की गयी एक बुजुर्ग टाइपिस्ट की स्टोरी ने पूरी दुनिया ख्याति प्राप्त की। 2016 में इन्हें पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए नारद पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था । 2017 में फोटोग्राफी क्लब ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फोटोग्राफी कम्पटीशन में इन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया । 2019 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कुंभ फोटोग्राफी प्रतियोगिता में इन्होंने तृतीय पुरुस्कार मिला था ।।

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