Bulandshahr News: नाबालिग छात्रा के अपहरण व यौन उत्पीड़न के दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, ₹27,000 अर्थदंड

Bulandshahr News: अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) भरत शर्मा ने बताया कि यह मामला वर्ष 2021 का है। मार्च महीने में पीड़िता के परिवार वालों ने सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

Sandeep Tayal
Published on: 28 Jun 2025 9:18 PM IST
Kidnapping and Sexual Exploitation Case
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नाबालिग छात्रा के अपहरण व यौन उत्पीड़न के दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास   (photo; social media )

Bulandshahr News: नाबालिग छात्रा के अपहरण व यौन उत्पीड़न मामले में दोषी युवक को 10 साल की सजा, ₹27,000 जुर्माना बुलंदशहर की विशेष पोक्सो (POCSO) अदालत ने एक नाबालिग छात्रा के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी पाए गए युवक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹27,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह सजा विशेष न्यायाधीश श्री मनोज कुमार सिंह की अदालत द्वारा शुक्रवार को सुनाई गई।

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) भरत शर्मा ने बताया कि यह मामला वर्ष 2021 का है। मार्च महीने में पीड़िता के परिवार वालों ने सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने IPC और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी युवक पीड़िता को बहला-फुसलाकर उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों, जैसे जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड ले गया, जहां उसे कई दिनों तक बेहोश कर रखा गया और शारीरिक शोषण किया गया। पीड़िता की बरामदगी के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए, जिसमें घटना की पुष्टि हुई।

मामले को "ऑपरेशन कन्विक्शन" के अंतर्गत चिन्हित कर प्रभावी अभियोजन के माध्यम से विशेष अदालत में 5 प्रमुख गवाहों को पेश किया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया।

विशेष न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि “POCSO एक्ट बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद सख्त और आवश्यक कानून है, और ऐसे मामलों में दोषियों को कठोरतम दंड मिलना समाज के लिए एक मजबूत संदेश है।”

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