Lucknow News: केजीएमयू में नए नियमों के खिलाफ नर्सिंग संघ का विरोध, वीसी को पत्र लिख जताया एतराज़

Lucknow News: केजीएमयू में नर्सिंग एसोसिएशन ने ड्यूटी नियमों के खिलाफ जताया विरोध

Shubham Pratap Singh
Published on: 28 Aug 2025 1:08 PM IST
Lucknow News: केजीएमयू में नए नियमों के खिलाफ नर्सिंग संघ का विरोध, वीसी को पत्र लिख जताया एतराज़
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KGMU Nursing protest News

Lucknow News: राजधानी के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के नर्सिंग ऑफिसर संस्थान प्रशासन द्वारा जारी लिए गए नए नियमों के विरुद्ध खड़े हो गए हैं। संस्थान के नर्सिंग एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने इसके लिए KGMU वीसी को पत्र लिखकर इस नए नियम का विरोध किया है। वीसी से पत्र में सीधे सवाल पूछा है, कि संस्थान ये बताये की ऐसा कौन सा शोध हुआ है जिसके तहत ये नए नियम निकाले गए हैं। इसके साथ ही अवकाश से सम्बंधित जारी नए नियम को जारी करने की तत्काल ऐसी कौन सी ज़रूरत पड़ गयी जोकि पिछले 8 महीने से लंबित थी।

गत 26 अगस्त को केजीरेमयू ने एक पत्र जारी करते हुए नर्सिंग अफसरों की ड्यूटी के समय नए नियमों का ऐलान किया था। जिसमे उन्हें ड्यूटी के समय नेलपॉलिश, भारी गहने के लिए साफ मना कर दिया गया था। इसके साथ ही उन्हें मिलने वाली छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव किए गए थे। संस्थान की मानें तो ऐसा मरीजों के इलाज में किसी प्रकार का संक्रमण ना फैले इसलिए किया गया। जबकि नर्सों का कहना है कि पेशेवर पहले से ही संक्रमण नियंत्रण और एथिक्स के तहत नाखून न बढ़ाने, हाथों में गहने-घड़ी न पहनने, नेल पेंट व मेहंदी से परहेज़ और बाल बांधकर रखने जैसे नियमों का पालन करते आ रहे हैं। ऐसे में नए नियम का औचित्य स्पष्ट नहीं है।


ऐसा कौन सा शोध था जिसके आधार पर दिया फैसला

नर्सिंग संघ ने पत्र में वीसी से सवाल उठाया है कि प्रशासन इतना ही बता दे कि नर्सों के लिए जारी हुए इस नए नियमों को कौन से शोध या आधार पर केवल इसी बिंदु को संशोधित कर नियम लागू किया। जबकि पिछले आठ महीनों से नर्सिंग मैनुअल में छुट्टी, वर्किंग ऑवर और व्यक्तिगत साज-सज्जा से जुड़े तीन बिंदुओं पर संशोधन का अनुरोध लंबित था।

अगर हमपे होगा तो सब पर हो

एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि प्रशासन स्पष्ट करे कि यह नियम केवल नर्सिंग स्टाफ पर लागू होगा या डॉक्टरों, रेजीडेंट्स, पैरामेडिकल और अन्य कर्मचारियों पर भी। नर्सिंग एसोसिएशन का कहना है कि अक्सर डॉक्टर खुले बालों के साथ ऑपरेशन थिएटर तक में प्रवेश कर जाते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। नियम सभी के लिए समान होने चाहिए अगर ऐसे भेदभाव होगा तो हम शांत नही बैठेंगे।

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Shubham Pratap Singh is a Former Reporter at Newstrack.com.

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