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Mathura News: ग्राम पींगरी में दर्दनाक हादसा: 7 वर्षीय धीरज की सांप के काटने से मौत
Mathura News: मथुरा के पींगरी गांव में 7 साल के मासूम धीरज की नींद में सांप के डसने से मौत हो गई। गांव में शोक की लहर, परिजनों की हालत गंभीर।
ग्राम पींगरी में दर्दनाक हादसा: 7 वर्षीय धीरज की सांप के काटने से मौत (Photo- Newstrack)
Mathura News: फरह थाना क्षेत्र के ग्राम पींगरी में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां नींद में सोए एक मासूम बच्चे की सांप के डसने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 7 वर्षीय धीरज पुत्र दिनेश (पिता: इंदर) के रूप में हुई है। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार सदमे में है।
नींद में ही सांप ने डसा
घटना जाटव बस्ती की है, जहां धीरज रोज़ की तरह सोमवार की शाम अपने घर पर सो गया था। सुबह जब परिजनों ने उसे जगाने की कोशिश की, तो वह अचेत अवस्था में पाया गया। परिजन तत्काल उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उसकी मृत्यु सांप के काटने से हुई है।
गहरी नींद में होने के कारण नहीं मिली मदद
डॉक्टरों और परिजनों के अनुसार, धीरज को गहरी नींद में सांप ने काटा, जिससे उसे पता तक नहीं चला। वह कोई आवाज भी नहीं उठा सका और समय पर मदद भी नहीं मिल पाई। ऐसी घटनाएं मानसून के दौरान अधिक होती हैं जब सांप बारिश से बचने के लिए सूखे स्थानों की तलाश में घरों में घुस आते हैं।
गांव में छाया मातम, परिजन सदमे में
धीरज की असामयिक मृत्यु से गांव में मातम पसरा हुआ है। गांववाले और परिवारजन शोकाकुल हैं। धीरज की मां और पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार में वह सबसे छोटा था और सबका लाडला था। घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।
प्रशासन से जागरूकता अभियान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में सर्पदंश जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि लोगों को सर्पदंश से बचाव के उपाय जैसे मच्छरदानी का उपयोग, नियमित सफाई और घरों में रोशनी की व्यवस्था के बारे में शिक्षित किया जाए। साथ ही, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्पदंश की दवा और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सावधानी से बच सकती हैं जानें
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश से अधिकांश मौतें समय पर इलाज न मिलने की वजह से होती हैं। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग, बिस्तर के नीचे रोशनी की व्यवस्था और घर की नियमित सफाई करके इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाकर कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
स्थानीय प्रशासन का क्या कहना है?
अब तक इस विषय में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद ज़िला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस ओर विशेष ध्यान देंगे और गांव में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।


