Meerut News: पर्स में थे 26 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज, महिला की ईमानदारी ने लौटाया मालिक को

Meerut News: श्री चाँद खान उत्तर प्रदेश परिवहन निगम भैंसाली डिपो, मेरठ की अनुबंधित वाहन से यात्रा कर रहे थे। जब वह बस से उतर गए, उनका पर्स बस में ही छूट गया था।

Sushil Kumar
Published on: 4 Jun 2025 6:57 PM IST
Meerut News: पर्स में थे 26 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज, महिला की ईमानदारी ने लौटाया मालिक को
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पर्स में थे 26 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज, महिला की ईमानदारी ने लौटाया मालिक को  (photo: social media )

Meerut News: कहते हैं कि ईमानदारी अब भी जिंदा है, बस जरूरत है उसे पहचानने की। मेरठ के भैसाली डिपो में एक ऐसी ही मिसाल पेश की ममता वर्मा ने, जिन्होंने न सिर्फ एक यात्री का कीमती सामान लौटाया, बल्कि व्यवस्था और इंसानियत पर लोगों का भरोसा भी कायम किया।

दरअसल, 3 जून 2025 को दिल्ली निवासी श्री चाँद खान उत्तर प्रदेश परिवहन निगम भैंसाली डिपो, मेरठ की अनुबंधित वाहन से यात्रा कर रहे थे। यात्रा के बाद जब वह बस से उतर गए, तब उन्हें पता चला कि उनका पर्स बस में ही छूट गया है। उस पर्स में ₹26,500 नकद, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो और जरूरी कागजात रखे थे।

पर्स को सुरक्षित रखते हुए इसकी सूचना सीधे क्षेत्रीय प्रबंधक को दी

इत्तेफाक से, पर्स उस सीट के पास मिला जहां ममता वर्मा, जो कि परिवहन निगम मेरठ में कार्यालय सहायक हैं, बैठी थीं। उन्होंने बिना देर किए पर्स को सुरक्षित रखते हुए इसकी सूचना सीधे क्षेत्रीय प्रबंधक को दी। पर्स में यात्री का मोबाइल नंबर नहीं था, जिससे संपर्क करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

लेकिन यहीं से शुरू हुआ क्षेत्रीय प्रबंधक का सराहनीय प्रयास। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस में दर्ज नंबर के आधार पर संभागीय परिवहन अधिकारी से संपर्क किया। अधिकारी की मदद से यात्री का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ और फिर क्षेत्रीय प्रबंधक ने स्वयं चाँद खान से फोन पर संपर्क साधा।

सही-सलामत लौटा दिया पर्स

कुछ घंटों के भीतर, चाँद खान को उनका पर्स सही-सलामत लौटा दिया गया। पर्स वापस पाकर चाँद खान भावुक हो उठे। उन्होंने ममता वर्मा की ईमानदारी और परिवहन विभाग की तत्परता की खुले दिल से सराहना की।

इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि सरकारी तंत्र में आज भी ऐसे लोग हैं जो अपने कर्तव्य के साथ-साथ मानवता को भी प्राथमिकता देते हैं। ममता वर्मा और क्षेत्रीय प्रबंधक जैसे अधिकारी ही असली "असली हीरो" हैं, जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आम लोगों का भरोसा कायम रखते हैं।

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