Sonbhadra News: सोनभद्र से छत्तीसगढ़ पहुंच रही थी प्रतिबंधित नशीली दवाएं, जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल स्टोर के जरिए हो रही थी आपूर्ति

Sonbhadra News: बताया जा रहा है कि यहां प्रतिष्ठित मेडिकल स्टोरों में शुमार मेडिकल स्टोर से जुड़े कथित संचालक को गिरफ्त में ले लिया।

Kaushlendra Pandey
Published on: 2 Aug 2025 5:54 PM IST
Sonbhadra News
X

Sonbhadra News

Sonbhadra News: छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के काराबार का कनेक्सन सोनभद्र से जुड़ा पाया गया है। वहां के विलासपुर जिले की तारबहार पुलिस ने, पिछले माह नशीली दवाओं के साथ पकड़े गए तीन व्यक्तियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर, जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल स्टोर उसे उसके संचालक को दबोचा गया। तारबहार पुलिस ने, सदर कोतवाली पुलिस के सहयोग से दबिश देकर यह गिरफ्तार की। पकड़े गए दवा व्यवसायी को मेडिकल स्टोर एसोसिएशन से जुड़े संगठन का पदाधिकारी होने का दावा किया जा रहा है। तारबहार पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि, पूछताछ के बाद संबंधित धाराओं के तहत आरोपी का चालान कर दिया गया।

दो दिन पूर्व जिला मुख्यालय पर हुई थी छापेमारी

बताते चलें कि छत्तीसगढ़ की विलासपुर पुलिस ने दो दिन पूर्व जिला मुख्यालय पर छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि यहां प्रतिष्ठित मेडिकल स्टोरों में शुमार मेडिकल स्टोर से जुड़े कथित संचालक को गिरफ्त में ले लिया। जिला मुख्यालय पर दवाओं के मामले में अच्छी साख रखने वाले मेडिकल स्टोर से कथित संचालक के गिरफ्तारी की बात सामने आई तो लोग चौंक उठे।

पहले लोगों ने समझा कि एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तारी की है लेकिन जब इस मामले में जिले की राबर्टसगंज कोतवाली पुलिस से संपर्क साधा गया तो प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता ने बताया कि विलासपुर पुलिस की टीम गिरफ्तारी के लिए आई थी। पकड़ा गया आरोपी नशीली टेबलेट्स के मामले में पहले से वहां वांछित है। इस प्रकरण को लेकर तारबहार पुलिस से संपर्क साधा गया। सेलफोन पर निरीक्षक तारबहार कृष्णचंद सिदार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ संबंधित धारा-एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पकड़े गए आरोपी का सरनेम केसरी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि, वह मेडिकल स्टोर एसोसिएशन का पदाधिकारी है कि नहीं, यह तो नहीं मालूम। फिलहाल पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर छानबीन जारी है।

30 जून को पकड़ी गई थी नशीली दवाओं का खेप

तारबहार पुलिस के मुताबिक गत 30 जून को वहां के पुराना बस स्टैंड से तारबहार पुलिस और एंटी क्राइम एंड सायबर यूनिट की टीम ने कुणाल रजक निवासी टिकरापारा, यादव मोहल्ला, थाना सिटी कोतवाली जिला विलासपुर और राहुल कुमार पाटले निवासी रानीपारा, थाना रतनपुर, विलासपुर की गिरफ्तारी की थी। उनके पास से प्रतिबंधित नशीले टेबलेट नाइट्रेजेपैम आईपी निट्रोसन 10 के कई टेबलेट बरामद किए गए थे। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 ख और 22 के तहत केस दर्ज किया गया था।

पूछताछ में, आरोपियों ने जिला मुख्यालय यानी राबटर्सगंज निवासी केसरी टाइटल वाले मेडिकल संचालक के जरिए, प्रतिबंधित नशीले दवाओं के उपलब्धता की बात स्वीकार थी। मिली जानकारी के आधार पर छत्तीसगढ़ की तारबहार पुलिस ने गत बृहस्पतिवार की शाम राबटर्सगंज में संबंधित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की थी और वहां दवा काउंटर पर बैठे व्यक्ति को हिरासत में लेकर चली गई थी। अब जब, छत्तीसगढ़ में हो रहे नशीले टेबलेट कारोबार के तार सोनभद्र से जुड़े पाए गए हैं तो इसको देखते हुए, सोनभद्र के जरिए हो रहे प्रतिबंधित नशीली दवाओं के कारोबार पर प्रभावी अंकुश की मांग उठाई जाने लगी है।

लगातार जारी की जा रही चेतावनी, निरस्त किए जाएंगे लाइसेंसः डीआई

ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्या ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालकों को प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न किए जाने को लेकर लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं। बावजूद कहीं प्रतिबंधित नशीले टेबलेट, कैप्सूल्स या इंजेक्शन की बिक्री पाई जाती है तो संबंधित दवा दुकान के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। ताजा प्रकरण पर कहा कि जैसे ही छत्तीसगढ़ पुलिस से इस मामले में अधिकृत अपडेट मिलेगा, संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

1 / 7
Your Score0/ 7
Kaushlendra Pandey
ABOUT THE AUTHOR

Kaushlendra Pandey

Next Story