Varanasi News: वाराणसी में 'शाम-ए-ग़ज़ल' की दो यादगार शामें: अनुप जलोटा और प्रतीभा सिंह बघेल ने सुरों से बांधा बनारस

Varanasi News: भजन सम्राट अनुप जलोटा और प्रसिद्ध गायिका प्रतीभा सिंह बघेल ने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों से बनारसवासियों को भावविभोर कर दिया।

Ajit Kumar Pandey
Published on: 13 July 2025 8:15 PM IST (Updated on: 13 July 2025 9:14 PM IST)
Anup Jalota
X

वाराणसी में 'शाम-ए-ग़ज़ल' की दो यादगार शामें: अनुप जलोटा और प्रतीभा सिंह बघेल ने सुरों से बांधा बनारस (Photo- Newstrack)

Varanasi News: वाराणसी, 13 जुलाई 2025: काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मिट्टी ने एक बार फिर सुरों का अद्भुत संगम देखा, जब रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय 'शाम-ए-ग़ज़ल' श्रृंखला का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दो प्रतिष्ठित कलाकारों, भजन सम्राट अनुप जलोटा और प्रसिद्ध गायिका प्रतीभा सिंह बघेल ने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों से बनारसवासियों को भावविभोर कर दिया। यह आयोजन सुर, शायरी और भावना का एक यादगार संगम साबित हुआ, जिससे संगीतप्रेमियों ने दो रातों तक एक रूहानी अनुभव जिया।

पहले दिन मंच पर आए भजन सम्राट अनुप जलोटा ने अपनी शांत, गंभीर और आध्यात्मिक प्रस्तुति से पूरे सभागार को भक्ति और भावनाओं की गहराई में पहुंचा दिया। उनकी सहज शैली और आत्मीय स्वरों ने दर्शकों के मन को सीधे स्पर्श किया और रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर को एक भक्तिमय ऊर्जा से भर दिया। उनकी आवाज में मौजूद शांति ने श्रोताओं को एक अलग ही दुनिया में ले जाने का काम किया।

दूसरी शाम को, प्रतीभा सिंह बघेल ने अपनी भावनात्मक, कोमल और प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं को शायरी और संगीत की दुनिया में गहरे तक ले जाया। उनकी आवाज़ की मधुरता और प्रस्तुति की गरिमा ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से सुरमय बना दिया, जिससे हर कोई उनके संगीत में लीन हो गया।

दोनों ही संगीतमय संध्याओं में चार हज़ार से अधिक दर्शकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि बनारस कला और संगीत के लिए एक जीवंत और सजग मंच है, जहां संगीत प्रेमियों की संख्या बहुत बड़ी है। इस दो दिवसीय संगीतमय महोत्सव को सफल बनाने में कई सम्माननीय साझेदारों का सहयोग रहा, जिनमें ओमैक्स, मयूर, आर. के. मार्बल्स, हेरिटेज हॉस्पिटल, फंड्स इंडिया, धनुका सिल्क्स, सि पान बहार, गोल्डी ग्रुप, संस्कृति यूनिवर्सिटी, कोस्टा रिवेरिया, हैंगआउट, बरासिया एडवर्टाइजिंग तथा बिग एफएम शामिल थे। इन सभी संस्थानों की सहभागिता के बिना यह भव्य आयोजन संभव न होता।

कक्ष्य एंड परफेक्ट हारमनी प्रोडक्शन द्वारा आयोजित यह श्रृंखला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की गुणवत्ता और सौंदर्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण रही। मंच की साज-सज्जा, तकनीकी प्रबंधन और आयोजन की हर बारीकी को दर्शकों और आयोजकों, दोनों ने खूब सराहा। 'शाम-ए-ग़ज़ल' सिर्फ सुरों की प्रस्तुति नहीं थी; यह बनारस की आत्मा के साथ एक जीवंत संवाद था, जहां संगीत, संवेदना और संस्कृति एक होकर हर दिल तक पहुँचे, जिससे यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया।

1 / 9
Your Score0/ 9
Ajit Kumar Pandey
ABOUT THE AUTHOR

Ajit Kumar Pandey

Next Story