सीएम धामी बोले- आत्मनिर्भर भारत की दिवाली मनाएँ, 'वोकल फॉर लोकल' अपनाएँ

धनतेरस से भैयादूज तक शुभकामनाएँ देते हुए सीएम धामी ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया

Newstrack Network
Published on: 17 Oct 2025 5:14 PM IST
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Uttrakhand News (image from Social Media)

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को धनतेरस से लेकर भैयादूज तक, पाँच दिवसीय दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कामना की है कि यह 'रोशनी का पर्व' राज्य के लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य लेकर आए।

आरोग्यता से समृद्धि तक

मुख्यमंत्री ने धनतेरस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व आरोग्यता के देव भगवान धन्वंतरि की पूजा का दिन है, और उन्होंने सभी के लिए उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

दीपावली के पावन अवसर पर उन्होंने कहा कि यह त्योहार केवल उत्साह और आनंद का नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का भी प्रतीक है। सीएम धामी ने प्रार्थना की कि माता लक्ष्मी और भगवान गणेश के आशीर्वाद से सभी के जीवन में धन, वैभव, यश और संपन्नता का संचार हो।

सत्य और मर्यादा का संदेश

सीएम धामी ने दीपावली के गहरे अर्थ को समझाते हुए कहा कि यह पर्व सत्य, सद्भावना और मर्यादा का संदेश देता है। उन्होंने कहा, "यह दीपों का पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है, जो भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने से भी जुड़ा है।"

गोवर्धन पूजा और भाई-बहन का प्रेम

मुख्यमंत्री ने गोवर्धन पूजा को समाज और देश के आर्थिक व सांस्कृतिक संसाधनों के संरक्षण का प्रतीक बताया। इसके साथ ही उन्होंने भैयादूज पर विशेष रूप से महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार भाई-बहनों के आपसी प्रेम और मातृ शक्ति के सम्मान को प्रदर्शित करता है।

धामी का आह्वान: 'वोकल फॉर लोकल' से जलाएँ खुशियों का दीप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'स्वदेशी अपनाओ' के मंत्र को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस दीपावली पर स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर हम न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों, कुटीर उद्योगों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ पहुँचा सकते हैं।

सीएम ने उत्तराखंड के कारीगरों की समृद्ध परंपरा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "हमारे यहाँ के मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल देश-विदेश में पहचान बना रहे हैं, बल्कि हमारे कौशल को भी दर्शाते हैं।"

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों से अपने घरों को रोशन करें, ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें।

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