TRENDING TAGS :
Bihar Mein Kiski Sarkar: बिहार में सितारो के नजरिए से, एनडीए की सरकार, नीतीश मुख्यमंत्री
Bihar Mein Kiski Sarkar Ban Rahi Hai: मुख्य रूप से जो महत्वपूर्ण व्यक्तित्व इस चुनाव में हैं उनमे वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, एनडीए गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा हैं।
Bihar Mein Kiski Sarkar Ban Rahi Hai
Bihar Mein Kiski Sarkar Ban Rahi Hai: आमतौर पर चुनावों के नतीजों को मीडिया के चश्मे से देखें जाने का चलन है।लेकिन चुनाव में मतदाता अपने मतदान के मार्फ़त उम्मीदवारों का पांच साल के लिए भाग्य रचते हैं।ऐसे में भाग्य को प्रभावित करने वाले ‘एलीमेंट’ के मार्फ़त भी बिहार के चुनावी नतीजों को देखा जाना ज़रूरी हो गया है। भाग्य को ग्रह प्रभावित करते हैं। ग्रहों का सीधा रिश्ता ज्योतिष से है।ऐसे में Newstrack ने अपने प्रतिष्ठित ज्योतिष और दिल्ली, उत्तर प्रदेश के विधानसभा तथा बीते लोकसभा चुनावों के नतीजों का सही आकलन करने वाले ज्योतिषी देवेंद्र भट्ट ( गुरु जी) से बिहार चुनाव और उस चुनाव के नेताओं के ग्रहों के आधार पर भविष्यवाणी करने का आग्रह किया।
देवेंद्र भट्ट ( गुरु जी) जी के मुताबिक बिहार राज्य की सर्वप्रथम स्थापना 22 मार्च, 1912 को अंग्रेजों द्वारा बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग करके बिहार और ओड़िशा को प्रांत बना कर किया गया। कालांतर में उड़ीसा को 1936 में बिहार से अलग कर दिया गया और बिहार एक अलग राज्य की स्थिति में आया! बिहार का तीसरा विभाजन 15 नवंबर, 2000 को हुआ जब इसके दक्षिणी हिस्से को झारखंड राज्य के नाम से इससे अलग करके , केवल उत्तरी भाग को बिहार बनाया गया। इस लिहाज से बिहार राज्य की मिथुन राशि और सिंह लग्न की कुंडली है, जिसमें शनि वक्री और गुरु वर्गोंतम का होकर दशम स्थान पर वृष राशि का है।
चंद्र और राहु एकादश में तथा बुद्ध आदित्य योग तृतीय स्थान पर है। पिछले दस माह की सरगर्मी जो बिहार में गुरु की महादशा में केतु की अंतर्दशा के कारण रही; अक्टूबर,2025 में अपनी भोग दशा पूरी कर ली। वर्तमान चुनावी नतीजों का ज्योतिषीय विश्लेषण करें तो गुरु की महादशा व शुक्र की अंतर्दशा में बिहार में एक बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।
मुख्य रूप से जो महत्वपूर्ण व्यक्तित्व इस चुनाव में हैं उनमे वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, एनडीए गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा हैं। उसके अतिरिक्त महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री के रुप में तेजस्वी यादव हैं। इस चुनाव में प्रशांत किशोर जी भी प्रतिभागी हैं। इनके अलावा बिहार मे दुसाध कही जाने वाली जाति के नेता चिराग पासवान भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में इनके सितारे क्या कहते हैं, इसकी विवेचना जरूरी है।
तेजस्वी यादव जी, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में जो कुम्भ राशि होती है, कुम्भ लग्न के जातक हैं। वर्तमान में उनकी बुद्ध की महादशा में राहु की अंतर्दशा चल रही है। इनका चंद्र, केन्द्र में अकेले स्थित है तथा स्थिर राशि का है। तेजस्वी का राजनैतिक भविष्य उज्जवल है। परंतु वर्तमान की दशाएं राजपद दिलाने में सक्षम नहीं दिख रही हैं। इनके नेतृत्व वाला गठबंधन सौ के निकटवर्ती सीटें ही अर्जित कर सकेगा।
अब नजर डालते हैं चिराग पासवान की कुंडली पर। ये मीन राशि और कुम्भ लग्न के हैं। दशम स्थान पर लग्नेश शनि वर्गोत्तम व अस्त का होकर सूर्य, बुद्ध, गुरु , शुक्र के साथ है। चंद्रमा वर्गोत्तम का होकर पराक्रम भाव में है और भाग्य भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है। वर्तमान में चंद्र की महादशा भी चल रही है। अतः जातक जितनी जगहों से प्रतिभागी है उससे 60 प्रतिशत स्थान हासिल करने में सक्षम होगा।
नीतीश कुमार की कुंडली वृश्चिक राशि और मिथुन लग्न की है। कर्म भाव में मंगल और शुक्र की युति ने इन्हें जोड़ तोड़ की राजनीति का ‘ मास्टर माइंड’ बनाया है। सत्ता में अनेकों उलझनों के बीच बार-बार कुर्सी पर आसीन रखा है!
वर्तमान में राहु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा है, जो अब समाप्त होने की स्थित में है। उतरती हुई ये दशाएं इन्हें फिर एकबार राज पद का सुख देगी। एनडीए गठबंधन में नीतीश जी और भाजपा के सीटों की संख्या लगभग बराबर होगी।
अतः यह कहने में कोई संकोच नहीं कि NDA फ़िलहाल बहुमत का आकड़ा पार करके सरकार बनाएगा। नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे। परंतु कुछ ही माह में नीतीश की कुंडली में सूर्य की अंतर्दशा चलेगी। जिसमें उनके लिए इस गठबंधन के साथ कार्य करने में असहज महसूस होगा।
बहरहाल, भविष्य की परिस्थितियां सितारों और नक्षत्रीय हालत पर निर्भर होगी, फ़िलहाल एनडीए+नीतिश का बिहार की राजनीत में अच्छी स्थिति का संकेत ग्रहीय अन्वेषण दे रहे है।
(लेखक प्रख्यात ज्योतिष व वास्तुविद हैं।)


