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Gorakhpur News: रिकूट महिला आरक्षियों के हंगामे के बाद बड़ा एक्शन, कमांडेंट, आरटीसी प्रभारी और पीटीआई निलंबित
Gorakhpur News: पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सफाई देते हुए लिखा है कि 26वीं बटालियन पीएसी, गोरखपुर में नियुक्त रिकूट महिला आरक्षियों द्वारा व्यक्त की गई समस्याओं का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्परता से संज्ञान लिया गया है।
Gorakhpur News
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 26वीं वाहिनी पीएसी में रिकूट महिला आरक्षियों के हंगामे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। यह हड़कंप इसलिए भी है, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचने वाले हैं। और मुख्यमंत्री को पीएसी कैंप परिसर में 11 करोड़ से बने बैरक का लोकार्पण भी करना है। एक्शन में पुलिस ने महिला आरक्षियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले पीटीएस को निलंबित कर दिया है। साथ ही कमांडेंट और आरटीसी प्रभारी निलंबित को भी निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सफाई देते हुए लिखा है कि 26वीं बटालियन पीएसी, गोरखपुर में नियुक्त रिकूट महिला आरक्षियों द्वारा व्यक्त की गई समस्याओं का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्परता से संज्ञान लिया गया है। अधिकारियों ने स्वयं संवाद कर विस्तृत जांच की, जिसमें यह पाया गया कि तकनीकी कारणों से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण अस्थायी रूप से जल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। संबंधित समस्या का त्वरित समाधान कर दिया गया है। महिला आरक्षियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले पीटीआई को निलंबित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए महिला आरक्षियों की गरिमा, निजता और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्हें उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण, समुचित सुविधाएं एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करना विभाग की प्रमुख प्रतिबद्धता है।
कमांडेंट और आरटीसी प्रभारी निलंबित
गोरखपुर स्थित 26वीं बटालियन पीएसी में रिक्रूट महिला आरक्षियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को उत्तर प्रदेश शासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। प्रारंभिक जांच में कमांडेंट श्री आनन्द कुमार और प्लाटून कमांडर व आरटीसी प्रभारी श्री संजय राय को लापरवाह पर्यवेक्षण का दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बाथरूम में कैमरा की बात निराधार
पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद कहा है कि बाथरूम में कैमरा लगाए जाने की बात जांच में पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन पाई गई है। साथ ही, अनुशासनहीनता एवं सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
एडीजी पीटीएस गोरखपुर आ रहे हैं जांच के लिए
मामले की गम्भीरता को देखते हुए एडीजी पीटीएस गोरखपुर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पहले पीटीएस के पहुंचने को लेकर बड़ी कार्रवाई के संकेत है। माना जा रहा है कि उनके निरीक्षण के बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
प्रशिक्षुओं का आरोप 300 की क्षमता, 600 को दी जा रही ट्रेनिंग
26 वीं वाहिनी पीएसी में हरदोई, गोंडा समेत प्रदेश के आधा दर्जन जिलों की महिला रिकूट ट्रेनिंग ले रही हैं। बुधवार की सुबह ट्रेनिंक सेंटर की अव्यवस्था को लेकर उनका गुस्सा फूट गया। खाना-पानी, बाथरूम जैसी मूलभूत सुविधाएं न मिलने से नाराज महिला प्रशिक्षुओं ने पीएसी गेट पर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि बाथरूम की संख्या कम होने की वजह से लाइन लगाना पड़ रहा है तो खुले में ही महिलाओं का स्नान करना पड़ रहा है। हंगामा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पांच महिला प्रशिक्षु को जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। 21 जुलाई से यूपी में चयनित हुई महिला प्रशिक्षुओं की अलग-अलग जगह ट्रेनिंग चल रही है। पीएसी में करीब 600 महिला प्रशिक्षु को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। उनका आरोप है कि यहां पर सिर्फ 300 की ही क्षमता है और 600 लोगों को रखा गया है। पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस वजह से एक दिन में सिर्फ एक प्रशिक्षु को 500 एमएल ही पानी दिया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने भी मामले पर दी प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, गोरखपुर से महिला पुलिस रिक्रूट्स के ट्रेनिंग सेंटर की बदइंतज़ामी के दुर्भाग्यपूर्ण समाचार आ रहे हैं। न बिजली है, न पानी, न गरिमापूर्ण स्नानालय। जब मुख्य नगरी का ये हाल है तो शेष का क्या कहना। नारी वंदना भाजपा का जुमला है।


