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Sonbhadra : दो अवैध अस्पताल सील, बच्चों की मौत के बाद कार्रवाई
Sonbhadra : कोन क्षेत्र में बिना पंजीकरण चल रहे दो अस्पताल सील, बच्चे की मौत के बाद संयुक्त टीम ने छापेमारी कर नोटिस जारी किया।
Sonbhadra Illegal Hospitals Sealed After Child’s Death Incident.
Sonbhadra: कोन थाना क्षेत्र मैं पिछले दिनों बगैर पंजीयन के संचालित अस्पताल और पेट दर्द का इलाज कराने आए बच्चे की इंजेक्शन लगाते ही मौत मामले में बुधवार को संयुक्त टीम की तरफ से छापामारी अभियान चलाया गया। इस दौरान दो अस्पताल अवैध तरीके से संचालित होते पाए गए। दोनों अस्पतालों को सील करने के साथ ही संचालकों को नोटिस जारी की गई है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
बताते चलें कि 06 अगस्त 2025 को थाना कोन क्षेत्रांतर्गत भारत हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर कोन में उपचार के दौरान एक बालक की मृत्यु हो गयी थी। जांच में उक्त अस्पताल बगैर पंजीयन के संचालित होता पाया गया था। प्रकरण में कोन थाने पर धारा 105 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा एक जांच टीम का गठन किया गया था। वहीं, पुलिस महानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर और पुलिस अधीक्षक की तरफ से जरूरी निर्देश दिए गए थे।
इसके क्रम में बुधवार को उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक सिंह, क्षेत्राधिकारी ओबरा हर्ष पांडेय, अपर मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ. प्रेमनाथ, डॉ. कीर्ति आजाद और प्रभारी निरीक्षक कोन सुधीर सिंह की मौजूदगी वाली टीम ने कोन क्षेत्र में संचालित अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आयुष्मान चिकित्सालय और होम्यो हाल महिला क्लिनिक (मीरा सिंह पत्नी लालबहादुर सिंह निवासी पिपरी थाना रॉबर्ट्सगंज, हाल पता कोन द्वारा संचालित) अवैध रूप से संचालित होते पाए गए। उनको तत्काल प्रभाव से सील करने की कार्रवाई की गई। उप जिलाधिकारी ने कहा कि इसी तरह अभियान चलाकर जनपद में संचालित प्राईवेट चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा।
10 लाख में बेची जमीन, फिर कर दी आपत्ति, केस दर्ज
पहले 10 लाख में दो बिस्वा जमीन बेचने, बाद में दाखिल खारिज में आपत्ति करते हुए बैनामा मंसूखी का वाद दाखिल करने के मामले में FIR दर्ज की गई है । मामला राबर्टसगंज कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। मामले में सुमन यादव पत्नी सुरेन्द्र यादव और कुमारी कुसुम पुत्री लक्ष्मन यादव निवासी क्रमशः ग्राम देवरी और लिलवाही की तरफ से क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था रमेश कुमार ने उन्हें 10 लाख रुपए लेकर दो विश्वा जमीन बेची और पत्नी के नाम से नामांतरण वाद में आपत्ति लगा दी। सिविल कोर्ट में बैनामा मंसूखी का वाद भी दाखिल कर दिया। जबकि उसने जमीन की कीमत 10 लाख रुपये अपने खाते में प्राप्त किया था। पुलिस के मुताबिक इस मामले में 316(2), 318(4), 352, 351(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।


