Sonbhadra News: सिस्टम की लापरवाही ने बुझा दिया चिराग! बगैर लाइसेंस चल रहे हास्पीटल में इंजेक्सन लगाते ही बालक की थमी सांस, घंटों हंगामा

Sonbhadra News: अस्पतालों-सर्जिकल सेंटर की निगरानी के लिए बनाए गए तंत्र को धता जताते हुए, संचालित हास्पीटल ने बुधवार को एक बालक की जान ले ली।

Kaushlendra Pandey
Published on: 6 Aug 2025 7:45 PM IST
Sonbhadra News: सिस्टम की लापरवाही ने बुझा दिया चिराग! बगैर लाइसेंस चल रहे हास्पीटल में इंजेक्सन लगाते ही बालक की थमी सांस, घंटों हंगामा
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सिस्टम की लापरवाही ने बुझा दिया चिराग  (photo: social media )

Sonbhadra News: सिस्टम की लापरवाही ने आखिरकार एक घर का चिराग बुझा दिया। मामला कोन थाना क्षेत्र के कोन कस्बे से जुड़ा हुआ हैं। यहां अस्पतालों-सर्जिकल सेंटर की निगरानी के लिए बनाए गए तंत्र को धता जताते हुए, संचालित हास्पीटल ने बुधवार को एक बालक की जान ले ली। बताया जा रहा है कि पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे बालक को जैसे ही इंजेक्सन लगाया गया, उसके शरीर ने हरकत करना बंद कर दिया। परिजन भागे-भागे दूसरे अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि, घर का इकलौता लाडले की, मौत हो चुकी है।

इससे खफा ग्रामीणों-परिजनों ने जमकर हंगामा किया। तनाव की स्थिति को देखते हुए, जहां मौके पर कई थानों की फोर्स बनी रही। वहीं, एसडीएम ओबरा विवेक सिंह और क्षेत्राधिकारी ओबरा हर्ष पांडेय ने परिजनों-ग्रामीणों को कड़ी कार्रवाई का भरोसा देते हुए, दो आरोपियों को गिरफ्तार और अस्पताल को सील करने की कार्रवाई कराई। तब जाकर लोग शांत हुए। प्रकरण में सीएमओ की तरफ से भी नोडल को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि बगैर लाइसेंस अस्पताल में नोडल की भूमिका कितनी थी? इसके भी जांच की मांग उठाई जा रही है।

सगे भाई चला रहे थे अस्पताल, इंजेक्सन लगाने के बाद हो गए नदारद:

बताते हैं कि कोन थाना क्षेत्र के मिश्री ग्राम पंचायत अंतर्गत टोला डोमा निवासी राजीव रंजन पाठक के इकलौते पुत्र वेदांत पाठक 13 वर्ष को बुधवार की तड़के पेट दर्द की शिकायत हुई। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक पेट दर्द ज्यादा होने पर उनकी बेटी अनन्या, वेदांत को लेकर पड़ोसी रवि रंजन और सुमित कुमार के साथ कोन कस्बे में संचालित भारत हास्पीटल एंड सर्जिकल सेंटर पर पहुंची। वहां पर डा. शफायत अली आश्ैरन उनके भाई डा. सलामत अली पु़त्र मु. यासीन निवासी नौडिहा थाना पन्नूगंज मिले और लड़के को देखने के बाद आपस में बातचीत की। इसके बाद सलामत ने एक इंजेक्सन लगाया और घर जाने के लिए कहा। घर पहुंचने पर देखा कि उनके बेटे के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। आनन-फानन में वह दूसरे अस्पताल पहुंचे जहां मौजूद मिले डॉ विजयनारायण ने बताया कि उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद परिजन बालक को लेकर भारत हास्पीटल पहुंचे, जहां दोनों भाई नदारद मिले।


हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा:

इससे खफा परिजनों और ग्रामीणों ने भारत हास्पीटल पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया गया। कुछ ही देर मौके पर खासी तनाव की स्थिति बन गई। जैसे ही मामले की जानकारी पुलिस को हुई। प्रभारी निरीक्षक कोन संजीव सिंह सहित, कोन थाने से जुड़े चौकी इंचार्ज चांचीकला, चकरिया, बागेसोती अपनी-अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना को लेकर ग्रामीणों में इस कदर गुस्सा था कि उन्हें नियंत्रित रखने के लिए कोन, ओबरा, चोपन, विंढमगंज थाने से पुलिस फोर्स बुलाने के साथ ही, पीएसी बल को भी मौके पर बुलाया गया। लगभग चार घंटे से अधिक समय तक मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।


काफी मशक्कत के बाद शांत हुआ ग्रामीणों का गुस्साः

हालात को तनावपूर्ण होने की जानकारी पाकर एसडीएम विवेक सिंह, क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडेय भी मौके पर पहुचं गए। कई चक्र की वार्ता के बाद, ग्रामीण जहां किसी तरह शांत हुए। वहीं एसडीएम ने सीएमओ से संपर्क साधते हुए, अस्पताल को सील कराने के साथ ही, पीड़ित की तहरीर पर कोन थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई। वही, सीओ हर्ष पांडेय के निर्देशन में पुलिस टीम ने, अवैध तरीके से अस्पताल संचालित करने तथा गलत इंजेक्सन लगाकर बालक की जान लेने के आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर दिया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करने के साथ ही, आरोपियों से पूछताछ जारी थी।

स्वास्थ्य महकमा भी मामले में कर रहा कड़ी कार्रवाई: सीएमओ

सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि प्रकरण जैसे ही संज्ञान में आया है, वैसे ही टीम भेजकर अस्पताल सील करा दिया गया है। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। वहीं, क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडेय ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कोन पुलिस ने केस दर्ज कर दो को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्रवाई जारी है।

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